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लश्कर का कमांडर ढेर: घर से काम पर निकला और आतंकी बन गया जाकिर; सटीक इनपुट पर दहशतगर्द का खात्मा कर रोका हमला

Published जुलाई 9, 2026 · Updated जुलाई 9, 2026 · By Charles Davis

लश्कर के एक शीर्ष कमांडर के खात्मा के बाद शोपियां में ऑपरेशन की सफलता

अपने घर से काम पर निकले आतंकी के रूप में जाकिर अहमद गनई की बरकरार रही घटना

लश कर क कम डर ढ र - तीन जुलाई को सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के सात गांवों में फैले घने सेब के बागानों में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घेराबंदी की गई जब सर्विलांस कैमरों से दो संदिग्ध आतंकियों के गतिविधियां दिखाई दी। आतंकियों के लिए प्राकृतिक आड़ के कारण घने बागान और पेड़ों के छिपे रहने की संभावना रही, जिसे देखते हुए सेना की विक्टर फोर्स ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की और संभावित भागने के सभी रास्तों पर आधुनिक लाइटों के जरिए निगरानी बढ़ा दी।

कुलगाम थाने में दर्ज गुमशुदगी मामला के बाद एक साल बीत गए। आतंकी जाकिर अहमद गनई, जो कुलगाम के मोतलहामा निवासी थे, आठवीं के बाद शटरिंग का काम करते थे। 27 सितंबर 2023 को वह दयालगाम के लिए घर से निकला और वापस नहीं आया। तीन अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी के लिए मामला दर्ज किया गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जाकिर के साथ अतंकवादियों को लश्कर के टीआरएफ में शामिल होने के लिए बासित डार और अरबाज अहमद मीर ने प्रेरित किया था। उसके खिलाफ कुलगाम थाने में यूएपीए की धाराओं के तहत एक मामला भी दर्ज रहा था।

“तुम (आतंकी) भाग सकते हो लेकिन छिप नहीं सकते!”

शोपियां में आतंकी घेराबंदी के दौरान जवानों ने दुर्गम रास्तों और रिहाइशी इलाकों में कड़ी घेराबंदी कर रखी थी। चार जुलाई को सीसीटीवी कैमरों से कुलगाम रहने वाले दो आतंकियों को देखा गया, जिसके बाद पुलिस और सेना की इकाइयों के संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया। चार दिनों के बाद बुधवार को जाकिर गनई को मार गिराया गया, जबकि उसके साथी लतीफ को पकड़ने के लिए घेराबंदी अभियान जारी रहा। ड्रोन सर्विलांस और तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से आतंकियों की मूवमेंट की निगरानी बेहद सटीक कर दी गई।

सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शोपियां दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला एक संवेदनशील इलाका है। ऐसे में लश्कर-ए-ताइबा के शीर्ष कमांडर के ढेर होना अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान एसओजी, 44 आरआर, 55 आरआर, 20 आरआर और 34 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ सीआरपीएफ ने घेराबंदी और तलाशी अभियान अपनाया।

अभियान की सफलता के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने एक्स हैंडल प