IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

राम मंदिर: SIT ने शासन को सौंपी रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी से लेकर कमीशन के सुबूत; चंपत, अनिल और गोपाल राव पर सवाल

Published जून 23, 2026 · Updated जून 23, 2026 · By Patricia Gonzalez

राम मंदिर घटना: SIT की रिपोर्ट में चोरी और सुबूत आए

आरोपों के बारे में जांच रिपोर्ट में सामने आए नए सबूत

र म म द र - राम मंदिर घटना ने नौकरशाही और वित्तीय प्रक्रियाओं के अनुशंसा को लेकर चर्चा उत्पन्न कर दी। एक नवीन खोज रिपोर्ट में शासन के प्रति जांच के दौरान कई राम मंदिर के विभिन्न पदाधिकारियों पर गहरा संदेह उत्पन्न हुआ है। जांच में खुलासा किया गया है कि कुछ राम मंदिर के पदाधिकारियों ने चढ़ावा चोरी के मामले में अहम भूमिका निभाई। इस रिपोर्ट में राम मंदिर के नियमित कार्यों के दौरान अपारदर्शिता के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों के साथ-साथ चंपत राय, अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव जैसे नामों को राम मंदिर जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है। यह समग्र रूप से राम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और विश्वासघात के आरोपों के बारे में चर्चा करता है।

दानपात्रों के नकद दान के संचयन में अपारदर्शिता के सबूत

राम मंदिर के बारे में जांच रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि दानपात्रों के नकद दान एकत्र करने की प्रक्रिया में गहरा तनाव था। रिपोर्ट में बताया गया है कि गिनती शुरू करने से पहले सभी दानपात्रों के रकम को खोलकर एक स्थान पर इकट्ठा कर लिया जाता था, जिससे पहले से यह पता नहीं रहता था कि कुल कितनी रकम है। इसी का फायदा उठाकर कर्मचारी गिनती के दौरान ही रकम वितरित कर देते थे। राम मंदिर के खजाना प्रबंधन जैसे विभाग में गहरी छिपाव और अपारदर्शिता के आरोप रिपोर्ट में सामने आए हैं।

इस राम मंदिर जांच में खुलासा किया गया है कि अतिरिक्त रकम के गबन के बारे में इस घटना के दौरान लगभग आधा साल से लंबे समय तक छिपा रहा गया था। राम मंदिर के ट्रस्ट के द्वारा दानपात्रों के रकम के एकत्र करने की प्रक्रिया में बड़ी खामियां देखी गईं, जिसका फायदा उठाकर नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद और सुरक्षा की कमजोरियां काम में लाई गईं। इस राम मंदिर घटना के बारे में अंतर्निहित विवाद जनरल कार्य प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था के बारे में हैं।

भाई-भतीजावाद और सुरक्षा कमजोरी के आरोप आए

राम मंदिर के बारे में रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी सामने आए हैं। यह रिपोर्ट राम मंदिर के विभिन्न तंत्र और उनके नियमों के बारे में नए सबूत देती है। राम मंदिर के ट्रस्ट में कर्मचारी ने दान राशि के बारे में नाम विनिमय करने में सुरक्षा और नियमों की कमजोरी काम में ली। इस तरह राम मंदिर जांच रिपोर्ट में बड़ी संख्या में अपारदर्शिता के आरोपों के साथ बैंक के नियमित कार्यों का उजागर किया गया है।

सिलसिला में कई राम मंदिर के पदाधिकारियों के नाम रिपोर्ट में सामने आए

राम मंदिर जांच रिपोर्ट में एक बड़ा