राम मंदिर चढ़ावा चोरी: जिले के कई थानों के विशेषज्ञ पुलिसकर्मी कर रहे हैं जांच, ‘गोपनीय फौज’ की हर पहलू पर नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिस विशेषज्ञों के द्वारा गहरी जांच शुरू
र म म द र चढ वा चोरी मामले में जांच के अधिकारियों के द्वारा अब तक राम मंदिर के चढ़ावा चोरी घटना के संबंध में गहरी जांच शुरू कर दी गई है। इसके अधिकारिक जांच के लिए आशुतोष तिवारी जिला अधिकारी जिम्मेदार हैं, लेकिन विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों के कई टीम विभिन्न थानों से संगठित कर जांच के कार्य में शामिल हैं। इन टीमों की मदद से चोरी के धन के विस्थापन या अंतरराष्ट्रीय खामी के खंड की गहरी जांच चल रही है।
अब तक रामजन्मभूमि थाने में दर्ज किए गए रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों और उनके संबंधित व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति और गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है। चोरी के पैसे के लेनदेन या अन्य वित्तीय गतिविधियों के माध्यम से कौन शामिल हुए हैं, इसके लिए राजस्व अभिलेखों और विभिन्न दस्तावेजों का मिलान कराया जा रहा है।
“आरोपियों के रिश्तेदारों और करीबियों की संपत्ति के वितरण का सत्यापन करने के लिए कई निरीक्षक नामित किए गए हैं। इन निरीक्षकों द्वारा चोरी की रकम को जमीन या मकान में निवेश किया गया है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।”
आरोपियों के नेटवर्क और गोपनीय निगरानी
एक अलग टीम आरोपियों के संपर्क और नेटवर्क की जांच कर रही है। बैंकिंग संबंधी अध्ययन में तकनीकी साक्ष्य और आर्थिक रिकॉर्ड के आधार पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के धन विस्थापन की पड़ताल चल रही है। उच्च अधिकारियों की गोपनीय निगरानी में जांच की प्रगति निरंतर रहती है।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी आर्थिक व्यवस्थाओं में सुधार किया है। अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के बाद चंदन राय और जगदीश आफले अकाउंट सिस्टम के संचालन के लिए जिम्मेदार हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के धन विस्थापन की जांच के लिए प्रतिदिन वित्तीय लेन-देन की ऑडिट कर रहे हैं।
नई प्रणाली में रोजाना ऑडिट के विवरण बनाए जा रहे हैं। इस बदलाव के बारे में सूत्रों के अनुसार राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेहता के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
अब तक जांच की टीमें राम मंदिर चढ़ावा चोरी घटना के विभिन्न दिशाओं पर चल रहे कार्य की विस्तारित जांच कर रही हैं। विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों के द्वारा चोरी के धन के विस्थापन और प्रसार की गहरी जांच चल रही है।