IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एकांतवास में चंपत राय बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में सेवा हुई पूरी

Published जुलाई 1, 2026 · Updated जुलाई 1, 2026 · By David Miller

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: चंपत राय के एकांतवास में विवरण सामने आए

र म म द र चढ व - अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामला तेजी से चर्चा में है, जिसमें पूर्व महासचिव चंपत राय के बारे में नए विवाद सामने आए हैं। आरोपों के बाद चंपत राय ने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उनके कोई आधिकारिक बयान नहीं आए हैं। इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर अब तक बहस जारी है।

एकांत में बोले चंपत राय: अपनी सेवा पूरी हो गई

चंपत राय के एकांत में रहते हुए अपने करीबियों के साथ बातचीत में उन्होंने अपने आरोपों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला उनकी सेवा के अंतिम चरण में है। उनके अनुसार, इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है, और वे इसके बारे में कहीं भी खुद को अयोध्या में देखरेख के अंतर्गत नहीं ले जाएंगे।

“मुझे कलंक लेकर नहीं जाएंगे, क्योंकि मेरी अयोध्या में देखरेख अंतर्गत कार्य पूर्ण हो चुकी है।”

चंपत राय के बयान में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है, जो लोगों के ध्यान में अपने प्रतिकूल संदेश के बारे में है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बारे में एक बार फिर स्पष्टीकरण दिया है। इसके बाद उनके अपने भरोसेमंद वर्ग के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है।

ट्रस्ट की जवाबदेही और जांच की तेजी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में ट्रस्ट की जवाबदेही भी चर्चा में है। एसआईटी के जांच अभियान के बारे में बात करते हुए, चंपत राय के बारे में नए सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने इस जांच में अपनी स्थिति के बारे में कहा कि वे इस बारे में खुद तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं।

चंपत राय के बयान में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के संबंध में बहस लगातार चल रही है। उन्होंने अपने गैर-आधिकारिक वर्ग के साथ बातचीत में अपनी दलील दर्ज की है। एसआईटी के जांच के दौरान चंपत राय अभी भी तीर्थ क्षेत्र भवन के ऊपरी हिस्से में रह रहे हैं।

इस मामले के बारे में सूत्रों ने बताया कि चंपत राय जांच के दौरान अपनी गलतियों को लेकर कोई बयान देने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में उनकी श्रेष्ठ सेवा के बारे में स्पष्ट कर दिया गया है।

चंपत राय के बारे में आए नए विवाद से अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की विशेषता सामने आई है। विश्वासघात के आरोपों के बाद उनकी भरोसेमंदता के बारे में अब लोगों के बीच विवाद जारी है। इसके बाद उनके अपने अंतिम कार्य को लेकर अयोध्या में संवेदनशीलता बनी हुई है।