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राम मंदिर चंदा चोरी: ‘नौकरी छोड़ संघ से जुड़े, आपातकाल में 18 माह जेल में रहे’; UP के इस जिले के हैं चंपत राय

Published जून 28, 2026 · Updated जून 28, 2026 · By Jessica Wilson

र म म द र च खबर: चंपत राय ने नौकरी छोड़कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हो गए

र म म द र च द - राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के बाद विवाद में आए चंपत राय बिजनौर जिले के नगीना शहर के रहने वाले हैं। उनका पैतृक आवास नगीना में है जहां उन्होंने अपने छोटे भाई संजय बंसल के अनुसार जनपद बिजनौर के प्राथमिक पाठशाला से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इंटरमीडिएट तथा बीएससी एमएसी भी पूरा कर लिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़े आपातकाल में 18 महीने जेल में रहे

1972 में आरएसएम कॉलेज धामपुर में प्रवक्ता बन गए चंपत राय के लिए 1975 में आपातकाल के दौरान बड़ा बदलाव आ गया। उस समय वे कक्षा में छात्रों को पढ़ा रहे थे, जिसके बाद उन्हें जेल में रहना पड़ा। उनके भाई सुनील बंसल ने बताया कि उन्होंने जीवन का सार श्रीराम आंदोलन तथा देशसेवा में लगा दिया था।

चंपत राय के भाई सुनील बंसल कहते हैं, "उनके इस्तीफे की खबर सामने आई तो बहुत पीड़ा हुई।" उन्होंने बताया कि चंपत राय के आरोपों के खिलाफ लंबे समय से बदनामी के प्रयास चल रहे हैं।

मामले में ईमानदारी के बारे में बयान देते हुए नगीना के रहने वाले बयान दिया

नगीना में रहने वाले मनोज अरोड़ा ने कहा कि चंपत राय एक ईमानदार और धार्मिक व्यक्ति हैं। ट्रांसपोर्टर शलभ गोयल ने बताया, "उनके पैतृक आवास की स्थिति देखकर लोग उनकी ईमानदारी के बारे में आकलन कर सकते हैं।" राम मंदिर चंदा चोरी के आरोप लगाए गए बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया।

बजरंग दल के युवा नेता राहुल सैनी ने कहा, "चंपत राय के आरोपों के खिलाफ बदनामी के प्रयास लंबे समय से चल रहे हैं।" विहिप नेता प्रदीप गर्ग ने भी बताया, "उनके व्यक्तित्व से पूरी तरह अंजान हैं वे जो उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाते हैं।"

र म म द र च खबर के मुताबिक, आपातकाल के बाद बिजनौर जिले के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व केंद्र सरकार के दबाव के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया। इस निर्णय के पीछे के कारण के बारे में आपातकाल के दौरान चढ़ावे में अनियमितता की सूचना आने के बाद से इंतजार किया जा रहा था।

एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "सख्त संदेश दिया गया तो माने चंपत राय शुक्रवार रात तक पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं रहे।" सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के ओर से इस्तीफा नहीं माने जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अब चंपत राय इस महीने के अंत तक एसआईटी की रिपोर्ट के बाद मीडिया के समक्ष पक्ष रखेंगे।

अगले महीने दूसरे सप्ताह में ट्रस्ट की बैठक हो सकती है। र म म द र च खबर के अनुसार आरोपों के खिलाफ जांच की उम्मीद है। बिजनौर जिले में एक अन्य सूत्र ने कहा, "उनकी ईमानदारी के बारे में सभी लोग सहमत हैं।" इस पर अधिक विस्तार से चर्चा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं लोग।