राम मंदिर चंदा चोरी: एसआईटी को मिले सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के सुबूत, टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ
राम मंदिर दान चोरी: एसआईटी की तफ्तीश में सीसीटीवी फुटेज में तमाम गड़बड़ियां दिख रही हैं, टिन्नू यादव के साथ लंबी पूछताछ
र म म द र च द - राम मंदिर के दान राशि में हेरफेर के मामले में एसआईटी की जांच तीसरे दिन भी चल रही है। जांच टीम ने एक आशंका जताई है कि सीसीटीवी फुटेज छेड़छाड़ के बाद खो गई थी, जिससे गड़बड़ी के सबूत धुंधला हो सकते हैं। अब तक टीम ने दो सौ लोगों की सूची तैयार की है और उनमें से सवा सौ से पूछताछ कर ली गई है।
बुधवार को एसआईटी की टीम अयोध्या में जांच के लिए नए सवाल खड़े कर रही है। रक्षा विभाग के महासचिव चंपत राय सहित अन्य कई पदाधिकारी और कर्मचारी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, टीम ने गहराई से सीसीटीवी कैमरों की दशा देखी है। इसमें कई तथ्य सामने आए हैं, जो छेड़छाड़ के आरोपों को मजबूत करते हैं।
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के साथ पूछताछ के दौरान कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच टीम ने उनके बयान की तस्दीक कर रही है। फिलहाल ये सवाल बने हुए हैं कि एफआईआर कब दर्ज की जाएगी और आगे चलकर केस के बारे में क्या होगा।
बैंक के लापरवाही और वित्तीय रिकॉर्ड के अंतर
मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर 11 माह में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसी अवधि में दान पेटियों से धन और आभूषणों की चोरी के मामले सामने आए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि बैंक कर्मियों की भूमिका गड़बड़ी के नए संदेहों के बीच अहम है।
"इस आपराधिक कृत्य के मामले में तत्काल केस दर्ज करना चाहिए। जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल भेजा जाना चाहिए।" - पूर्व डीजीपी एके जैन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंक कर्मियों को ट्रस्ट के पदाधिकारियों के दबाव में रहते थे। इसलिए वे दान की गिनती प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर पाए। अब तक खोज में पांच संदिग्धों के पास से रकम भी बरामद हुई है।
दान के मामले में नए सवाल उठे
एसआईटी की जांच के बाद दान राशि के बारे में कई तथ्य सामने आए हैं। जिनमें सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी की कमजोरियां भी शामिल हैं। जमीन खरीद के मामले में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
"दान राशि के गबन का मामला एक आपराधिक घटना है। इसमें केस दर्ज होना चाहिए।" - पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि ट्रस्ट ने बाजार और सरकारी मूल्यांकन से कई गुना अधिक कीमत पर जमीनों की खरीद की है। इसके बारे में निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।