राम दान पर डाका: सिर्फ चढ़ावा चोरी ही नहीं, ये जांच भी कर रही SIT; जमीन और निर्माण संबंधी शिकायतें शामिल नहीं
र म द न पर ड: एसआईटी की जांच में जमीन आवंटन और निर्माण मुद्दे शामिल नहीं
र म द न पर ड के मामले में गठित संयुक्त जांच समिति (एसआईटी) अब अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस जांच के तहत राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के बाद अखंड ज्योति निर्माण के लक्ष्य के अंतिम चरण में जाना शुरू हो गया है। रिपोर्ट के तैयार होने के बाद 13 जून को एसआईटी की घोषणा की गई थी, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरण एस और वित्त विशेष सचिव नील रतन शामिल रहे। इसके बाद प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को प्रस्तुत की गई थी।
जमीन आवंटन और निर्माण मुद्दों पर एसआईटी की जांच के बाहर रखे गए शिकायतें
जमीन खरीदी गई आरोप और निर्माण में कमीशन लेने के मुद्दों पर शिकायतें एसआईटी के विस्तृत जांच के बाहर रख दी गई। शासन ने एसआईटी के कार्यकाल में केवल चढ़ावा चोरी की जांच तक के निर्देश दिए गए थे। इसलिए जमीन और निर्माण संबंधी आवेदन अगले चरण में समावेश नहीं किए गए। निर्माण कार्य के चलते आवंटित जमीन के बारे में कोई गहरी जांच नहीं हुई।
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, र म द न पर ड की जांच के दौरान जमीन खरीद के मुद्दों पर सवाल उठाए गए थे। एक दर्जन से अधिक जमीनों के आवंटन पर बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के आधार पर गहरी जांच की जाएगी। चढ़ावा प्रकरण में अनिल मिश्रा के खिलाफ जमीन खरीद में 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप भी शामिल रहा।
राम मंदिर निर्माण के अंतिम चरण और भविष्य के उद्देश्य
र म द न पर ड के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। एसआईटी के कार्य के बाद राम कथा संग्रहालय के लिए 20 गैलरियों की स्टोरीलाइन तैयार कर ली गई है। वर्तमान में डिजिटल प्रस्तुति और वीडियो कंटेंट के लिए कार्य चल रहा है। वित्त विशेष सचिव नील रतन के अनुसार, जमीन खरीद मुद्दों की जांच अब तक जारी रही है।
नए सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति की घोषणा की गई है। इस समिति के कार्य विस्तृत रिपोर्ट जारी होने के बाद ही शुरू होंगे। एसआईटी द्वारा जमीन खरीद में चोरी और निर्माण कार्य में कमीशन लेने की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
र म द न पर ड के जांच अधिकारियों के कार्य पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफा चल रहा है। विस्तृत रिपोर्ट में जमीन खरीद में बर्बाद हुए कमीशन के मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। एलएंडटी और टाटा के प्रतिनिधि इस जांच के तहत शामिल रहे। इसके अलावा चढ़ावा प्रकरण में दोषियों के वि�