राम दान पर डाका: अब भी ये कर्मी कर रहे चढ़ावे की गणना, केवल ड्रेस बदलकर हो रही वीडियोग्राफी; सिर्फ ये कदम उठाए
र म द न पर ड के खुलासा: कर्मचारी अब तक चढ़ावे की गणना कर रहे हैं
र म द न पर ड के खुलासा में गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों के अलावा, सैनिक सिक्योरिटी कंपनी के तहत नियुक्त अन्य कर्मचारी भी घटना के अंतर्गत शामिल हैं। बैंक द्वारा ट्रस्ट की सिफारिश पर 46 व्यक्तियों की नियुक्ति की गई थी, जो गणना और खाता बहकर काम करते रहे। घटना के प्रकाशन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी कर्मचारियों की बदल तक नहीं हुई।
गिरफ्तारी के बाद गणना कार्य अपरिवर्तित
र म द न पर ड के खुलासा के बाद से एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा के अनुसार, आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे गए और उनके खिलाफ जांच जारी है। तीन आरोपियों की पूछताछ में चोरी की रकम से खरीदे गए गहने और नकदी बरामद की गई। इन गिरफ्तारी के मामले में चोरी के धन का इस्तेमाल करते हुए नए विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
तीन जुलाई को विजय शंकर मिश्रा एसपी सुरक्षा के रूप में कार्य शुरू कर दिए, लेकिन ट्रस्ट की बैठक के कारण बलरामाचारी को बदला नहीं गया। अयोध्या में तैनात एसपी सुरक्षा बलरामाचारी का यूपी-112 तबादला हुआ था, लेकिन वह अब तक अपनी जिम्मेदारी वहां निभा रहे हैं।
संपत्ति जब्ती और रकम के आंकड़े
पुलिस के अनुसार, पिछले चार से पांच साल में आरोपियों द्वारा बनाई गई अनेक संपत्तियों की जब्ती अब भी चल रही है। बरामदगी की रकम के आंकड़े 85 लाख रुपये के करीब पहुंच गए हैं, जिसमें जेवर आदि शामिल नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय बरामदगी 79.85 लाख रुपये थी, लेकिन बाद में तीन से चार लाख रुपये अतिरिक्त बरामद हुए।
सूत्रों के मुताबिक, एक दर्जन में से चार से पांच संपत्तियां चोरी के धन से बनाई गई हैं। र म द न पर ड के खुलासा के बाद से भी पुलिस इन संपत्तियों के चिह्नित करने के लिए जारी रहे। जब सभी चिह्नित हो जाएंगी, तब जाकर स्पष्ट होगा कि कौन कब तक धन का बंटवारा करते रहे।
मंगलवार को लवकुश मिश्रा के घर में तलाशी के दौरान उसका नाम अंकित लॉकेट मिला, जिसमें लगभग 35 हजार रुपये भी बरामद हुए। र म द न पर ड के खुलासा के अनुसार, इन संपत्तियों के चिह्नित करने के लिए जारी जांच अंतर्गत चल रही है। इस दौरान अधिकारियों का दावा है कि चोरी की रकम के इस्तेमाल के सबूत उपलब्ध हैं।
एसआईटी की रिपोर्ट में र म द न पर ड के खुलासा से संबंधित बताया गया है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने स्तर पर 81.19 लाख रुपये बरामद किए थे। इसमें 1.33 लाख रुपये का अंतर है। र म द न पर ड के खुलासा के बाद से चोरी के धन का बंटवारा करते हुए आरोपी की करोड़ों रुपये के इस्तेमाल की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी।