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ये है भ्रष्टाचार की सड़क!: दो किमी के हिस्से में 29 बार धंसी, 15 से 125 फीट तक चौड़े गड्ढे; डरा देंगी तस्वीरें

Published अगस्त 11, 2026 · Updated अगस्त 11, 2026 · By Joseph Moore - indianewslive247.com

Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com

दयालबाग में 29 बार धंसी सड़क: सीवर लाइन की खराबी का आरोप

Indianewslive247.com – य ह भ रष ट च र - आगरा के दयालबाग क्षेत्र में जयराम बाग को जोड़ने वाली लगभग दो किमी लंबी सड़क पिछले चार वर्षों में 29 बार धंस चुकी है। इसमें 100 फीट लंबा हिस्सा भी शामिल है। चार साल के दौरान यहाँ 15 फीट से लेकर 125 फीट तक चौड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनका मुख्य कारण सीवर लाइन में रिसाव बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस घटनाक्रम को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है।

सोमवार को वीए टेक वबाग की टीम ने जयराम बाग में हुए गड्ढे को मिट्टी और मलबा डालकर भर दिया है। हालांकि, मैनहोल के पास अभी भी लीकेज की आशंका बनी हुई है। दयालबाग में अब तक हुई 29 धंसने की घटनाओं में हर बार सीवर मैनहोल से जुड़े पाइप से ही रिसाव मिला है।

दो साल पहले ही मिली थी सिफारिश, लेकिन बजट नहीं मिला

दो वर्ष पूर्व जब एक महीने के दौरान 8 से 10 बार सड़क धंसी थी, तब तत्कालीन मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर जांच करवाई थी। जल निगम, वबाग और नगर निगम के इंजीनियरों की जांच रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई थी कि दयालबाग की पूरी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है।

हालांकि यह लाइन केवल 12 साल पुरानी है, लेकिन इसमें लगाए गए सीवर पाइप बेहद खराब गुणवत्ता के हैं। सीवर मैनहोल भी खराब तरीके से बनाए गए हैं, जिससे बार-बार लीकेज हो रहा है। सभी विशेषज्ञों ने इस पूरी लाइन को बदलने की सलाह दी थी।

विशेषज्ञों के हस्तक्षेप के बाद वीए टेक वबाग ने 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। लेकिन नगर निगम से अभी तक इसके लिए बजट नहीं मिल पाया है।

निवासी और पार्षदों की चिंताएं

दयालबाग के निवासी सौरभ चौधरी ने बताया कि इन गड्ढों में कई बार कारें फंस चुकी हैं, जबकि दो बार ट्रैक्टर ट्रॉली भी समा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लाइन नहीं बदली गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। साथ ही, घटिया निर्माण करने वाले इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पार्षद भरत शर्मा ने कहा कि जब तक सीवर लाइन नहीं बदली जाती, तब तक सड़कें खराब होती रहेंगी। शायद नगर निगम हादसे का इंतजार कर रहा है। यदि बिजलीघर की तरह कोई बड़ा हादसा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा, यह सवाल भी उन्होंने उठाया।

लाइन बदलवाने का प्रयास जारी

जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि दयालबाग के जयराम बाग में हुआ गड्ढा भरवा दिया गया है। इस लाइन की जांच के बाद प्रस्ताव को भी देखा जाएगा और स्वीकृति कराकर लाइन ही बदलवाने का प्रयास किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दयालबाग की सड़क कितनी बार धंस चुकी है? पिछले चार वर्षों में लगभग दो किमी की सड़क 29 बार धंस चुकी है।

गड्ढों का मुख्य कारण क्या है? सीवर लाइन में रिसाव और खराब गुणवत्ता वाले पाइपों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

लाइन बदलने के लिए कितना बजट मांगा गया है? वीए टेक वबाग ने 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन नगर निगम से अभी तक बजट नहीं मिला है।

क्या कोई बड़ा हादसा हो सकता है? निवासियों और पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि लाइन नहीं बदली गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

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