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यूपी: सुप्रीम कोर्ट में गाली देने वाले वकील की कहानी आई सामने, दो लड़कियों को कर चुका है परेशान; ईमेल हुआ लीक

Published जुलाई 12, 2026 · Updated जुलाई 12, 2026 · By Daniel Davis

य प लेखक की कहानी आई सामने, यूपी में एक वकील की गंभीर आचरण गड़बड़ी के खुलासा हुआ

य प लेखक की कहानी ने उत्तर प्रदेश के नागरिकों को चौंका दिया है। एक वकील ब्रह्मपुरी नामक व्यक्ति के खिलाफ एक आरोप में फिर से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जहां उसकी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत बर्बाद हो गई थी। प्रबल प्रताप यादव के पिता सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि उनके बेटे ने लखनऊ विवि में वकालत करने के लिए जाना था लेकिन कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपनी याचिका के लिए बर्बाद शिकायतों के बाद अंततः सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई।

कैंपस पर बैठक और साइबर धोखाधड़ी के बाद आई लीक

ब्रह्मपुरी के मामला शुरू रहा था जब उसने चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज से बीएड किया था। राज्य नौकरी न मिलने के कारण उसने दो साल पहले लखनऊ विवि में वकालत के लिए आवेदन दाखिल किया था। उसके पास कैंपस के पास ही एक किराए के कमरा था, जहां वह ट्यूशन के माध्यम से खर्चा कमाता रहा। लेकिन जब उसने एक साइबर फ्रॉड के बारे में शिकायत दर्ज कराई, तो अपने परिवार के आर्थिक तंगी के कारण घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी।

“मेरे बेटे के आर्थिक तंगी के कारण घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। बेटियों की शादी हो चुकी है और सिर्फ दो बीघा खेती है। ऐसे में वह नौकरी खोज रहा था,” सुरेंद्र सिंह यादव ने शनिवार को बताया।

ईमेल लीक के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपना मामला लड़ने के लिए एक निर्णय ले लिया

उत्तर प्रदेश के एक वकील ब्रह्मपुरी के मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। उसकी साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ अपनी याचिका को खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद उसने ईमेल लीक के माध्यम से अपनी अपेक्षाओं को उजागर करने का फैसला ले लिया। इस घटना के बाद उसके खिलाफ दो लड़कियों के परेशान होने के आरोप भी उठाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के ब्रह्मपुरी के मामले में उसके खिलाफ आरोप लगाने वाले दोनों लड़कियों की शिकायतें नए रूप में प्रकाश में आई हैं। सुप्रीम कोर्ट में उसकी गलत भाषा का उपयोग कर उठाई गई आरोपों ने लोगों की ध्यान आकर्षित किया है। इस घटना के बाद लोगों ने य प वकील की आचरण गड़बड़ी पर चर्चा शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश में ब्रह्मपुरी के मामला न केवल आई नागरिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाला है, बल्कि संस्थागत दबाव भी बढ़ा रहा है। उसके खिलाफ शिकायत के बाद अंततः उसने सुप्रीम कोर्ट में अपना मामला लड़ने का निर्णय ले लिया। उसकी याचिका अब न्यायाधिकरण के लिए पहुंच चुकी है।

य प के वकील ब्रह्मपुरी के मामला में उसकी साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एफआईआर के लिए अपनी अपेक्षा के बारे में लगातार चर्चा हो रही है। उसकी आरोपों को अपनी याचिका में जोड़े जाने के बाद कोर्ट ने