IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

मध्य प्रदेश: कौन हैं ये टाइगर बाबा? जो पेड़ पर रहकर चार माह तक करेंगे तप; चातुर्मास में छोड़ दी सुविधाएं भी

Published अगस्त 6, 2026 · Updated अगस्त 6, 2026 · By Joseph Moore - indianewslive247.com

Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com

उज्जैन में टाइगर बाबा की वृक्षवास साधना: चातुर्मास में बिना छत के तपस्या

Indianewslive247.com – मध य प रद श के उज्जैन शहर में नृसिंह घाट पर एक अनोखी साधना का दृश्य देखने को मिल रहा है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा से सम्बद्ध संत टाइगर बाबा ने देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक की अवधि में कठोर वृक्षवास का संकल्प लिया है। मां शिप्रा के तट पर स्थित इस पवित्र स्थान पर उन्होंने एक विशाल वृक्ष पर बनी साधारण झोपड़ी को अपना आश्रय बनाया है।

प्राकृतिक परिस्थितियों में कठोर तपस्या

इस झोपड़ी में न तो कोई पक्की छत है, न दीवारें और न ही कोई आधुनिक सुविधा उपलब्ध है। टाइगर बाबा चार माह की इस अवधि में गर्मी, वर्षा और अन्य मौसम की परिस्थितियों के बीच इसी स्थान पर साधना जारी रखेंगे। शाम के समय जब पूरा क्षेत्र अंधकार में डूब जाता है, तो नीचे बहती शिप्रा नदी की ध्वनि और ऊपर पेड़ पर बैठे बाबा के मंत्रोच्चार का संगम वातावरण को आध्यात्मिक बना देता है।

टाइगर बाबा ने स्पष्ट किया कि उनकी यह साधना विश्व शांति, सार्वभौमिक कल्याण और जनहित की भावना से प्रेरित है। वे प्रतिदिन यज्ञ और पूजा-अर्चना का आयोजन करते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित उनके आश्रम में पिछले छह वर्षों से अखंड रामायण पाठ चल रहा है, परंतु इस चातुर्मास में उन्होंने सभी सुविधाओं को त्यागकर वृक्षवास का मार्ग चुना है।

पेड़ पर रहकर तप करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है और यह सब बाबा महाकाल की कृपा से संभव हुआ है।

श्रद्धालुओं का बढ़ता आकर्षण

टाइगर बाबा की वृक्षवास साधना की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं का नृसिंह घाट पर आना बढ़ गया है। श्रावण मास में बाबा महाकाल के दर्शन हेतु आने वाले भक्त टाइगर बाबा का आशीर्वाद लेने भी आ रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उनकी साधना को देखने और दर्शन करने के लिए घाट पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय भक्तों का मानना है कि यह केवल तपस्या नहीं, बल्कि भगवान महाकाल के प्रति समर्पण और आस्था का एक अद्भुत उदाहरण है।

मैं अन्य संतों से भी आडंबर छोड़कर भक्ति, साधना और तपस्या के मार्ग पर चलने की अपील करता हूं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर बाबा कब से कब तक वृक्षवास में रहेंगे? टाइगर बाबा देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक की अवधि में चार माह की वृक्षवास साधना कर रहे हैं।

उन्होंने वृक्षवास क्यों चुना? उनकी यह साधना विश्व शांति, सार्वभौमिक कल्याण और जनहित की भावना से प्रेरित है। इस चातुर्मास में उन्होंने सभी सुविधाओं को त्यागकर वृक्षवास का मार्ग चुना है।

श्रद्धालु कहाँ से दर्शन कर सकते हैं? श्रद्धालु उज्जैन के नृसिंह घाट पर स्थित मां शिप्रा के तट पर टाइगर बाबा का दर्शन कर सकते हैं। श्रावण मास में विशेष रूप से भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है।

क्या वे अन्य सुविधाओं को पूरी तरह त्याग रहे हैं? हाँ, इस झोपड़ी में न तो कोई पक्की छत है, न दीवारें और न ही कोई आधुनिक सुविधा उपलब्ध है। वे गर्मी, वर्षा और अन्य मौसम की परिस्थितियों के बीच साधना जारी रखेंगे।

Related Reading

Frequently Asked Questions

What is मध य प रद श?

मध य प रद श is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does मध य प रद श matter?

मध य प रद श matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.