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भाजपा नेता का कत्ल: विकासनगर में आगजनी, पथराव और बवाल के बाद 25 मुस्लिम परिवार छोड़ गए घर, मस्जिद पर भी ताला

Published जून 16, 2026 · Updated जून 16, 2026 · By Charles Gonzalez

भाजपा नेता का कत्ल: विकासनगर में आगजनी, पथराव और बवाल के बाद 25 मुस्लिम परिवार छोड़ गए घर, मस्जिद पर भी ताला

भ जप न त क कत ल - शनिवार को देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में हुए भड़काऊ हालात के बाद रविवार को सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद उनके भाइयों अशोक और राजेश पर हमला करते हुए ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ट्यूबवेल से खेत में पानी लगाने के विवाद में मासूम और उसके बेटे रज्जाक के साथ अन्य रिश्तेदारों ने हमला कर दिया। विनोद के सिर पर हथौड़ा मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद हिंसा बढ़ गई। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के समूह ने आरोपियों के दो घरों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। दून-पांवटा साहिब हाईवे पर ताला लगाने के बाद पुलिस और आईटीबीपी के संयुक्त प्रयास से आक्रोश नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

मुस्लिम परिवारों की स्थिति बदल गई

हत्या के बाद गांव में भय का माहौल पैदा हो गया। शनिवार की रात को अधिकांश मुस्लिम परिवार अपने घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां छिप गए। कुछ व्यक्ति अत्यधिक डर के कारण बिना ताला लगाए ही घर छोड़ दिए। गांव में करीब 25 से अधिक घर अब बंद पड़े हैं। मुस्लिम बाहुल्य गलियों में शांति छिटपुट हो गई है और लोग निरंतर अनजान आहट पर भीतर से झांककर स्थिति का अंदाजा लगा रहे हैं।

कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत ने कहा कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर जांच के लिए दबिश दी जा रही है। वारदात में शामिल 25 से 30 अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।

गिरफ्तारी और जांच के लिए कार्रवाई जारी रही। पुलिस ने हत्या के आरोपियों रज्जाक, अमन, जावेद, यूनुस, इम्तियाज, शहबाज, शराफत अली, आदिल, शमून, सलमान और इंतजार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इम्तियाज को सोमवार को गिरफ्तार किया गया, जबकि अमन अब भी फरार है।

इस हिंसा के बाद आईटीबीपी और पुलिस टीमें गांव की गलियों और हाईवे के निकट चप्पे-चप्पे पर तैनात रहीं। इतना भय फैल गया है कि अधिकांश परिवारों ने अपने खुले बोलने से बच रहे हैं। घटनाक्रम के बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में एक घर और दो दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।