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बारिश का कहर: हिमाचल में 173 जिंदगियां गईं, 936 करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 200 सड़कें और 39 पेयजल योजनाएं ठप

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Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. हिमाचल में बारिश का कहर: 173 मौतें, 936 करोड़ का नुकसान
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

हिमाचल में बारिश का कहर: 173 मौतें, 936 करोड़ का नुकसान

Indianewslive247.com – ब र श क कहर – हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। 13 अगस्त की सुबह तक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार 173 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 936 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है। इस दौरान 200 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं।

सड़क बंद होने का विस्तृत विवरण

मंडी जिला सड़क बंद होने के मामले में सबसे आगे रहा, जहां 64 सड़कें प्रभावित हुईं। कुल्लू में 60, शिमला में 32 और चंबा में 24 सड़कें बंद रहीं। लाहौल-स्पीति में तीन, किन्नौर में दो और ऊना में चार सड़कें भी बाधित थीं।

कुल्लू जिले के भीतर बंजार उपमंडल की 19, कुल्लू की 23, आनी की आठ और निरमंड की 10 सड़कें बंद थीं। मंडी में सराज की 41 सड़कें प्रभावित रहीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सीधा असर यातायात और ग्रामीण संपर्क पर पड़ रहा है।

राजधानी शिमला भी बारिश से अछूती नहीं रही। 13 अगस्त सुबह तक जिले में 32 सड़कें बंद थीं। इनमें रामपुर क्षेत्र की 15, जुब्बल की 11, कोटखाई की दो और अन्य क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। जिले में तीन डीटीआर बाधित रहे और 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं।

मौतों और नुकसान का आंकड़ा

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की जिला आधारित रिपोर्ट के अनुसार आपदा से सबसे ज्यादा मौतें लाहौल-स्पीति में 14, कांगड़ा में 12, कुल्लू में 9, चंबा में 9, मंडी में 6, सिरमौर में 7 और शिमला में 10 दर्ज की गईं। प्रदेश में आपदा से मौतों का कुल आंकड़ा 75 है।

आपदा के अलावा सड़क दुर्घटनाओं ने भी बड़ा नुकसान किया। रिपोर्ट में सड़क हादसों से प्रदेश में 98 मौतें दर्ज हैं। कांगड़ा में 10, चंबा और सिरमौर में 16-16, कुल्लू में 13, शिमला में 11 और ऊना में छह मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुईं।

मानसून से हुआ कुल नुकसान केवल बंद सड़कों या बिजली-पानी की बाधाओं तक सीमित नहीं है। सरकारी संचयी रिपोर्ट में निजी और सार्वजनिक संपत्ति, कृषि-बागवानी, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, मत्स्य पालन, ग्रामीण और शहरी विकास समेत कई क्षेत्रों में नुकसान दर्ज किया गया है। कुल नुकसान 93,663.41 लाख रुपये आंका गया है।

मानसून का असर पहाड़ों में दो स्तरों पर दिखाई दे रहा है-एक तरफ प्राकृतिक आपदाएं और सड़क हादसे जान ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ लगातार बाधित हो रही सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल में बारिश से कितनी मौतें हुई हैं? राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार आपदा और सड़क दुर्घटनाओं सहित कुल 173 लोगों की मौत हो चुकी है।

कुल नुकसान कितना आंका गया है? सरकारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार कुल नुकसान 93,663.41 लाख रुपये यानी लगभग 936 करोड़ रुपये आंका गया है।

कितनी सड़कें बंद हैं? 13 अगस्त की सुबह तक राज्य में कुल 200 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। मंडी में सबसे ज्यादा 64 सड़कें बंद रहीं।

पेयजल योजनाओं पर क्या असर पड़ा है? राज्य में 39 पेयजल योजनाएं बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं। शिमला जिले में 17 और चंबा में 13 योजनाएं बाधित थीं।

सबसे ज्यादा मौतें किस जिले में हुईं? आपदा से लाहौल-स्पीति में 14 मौतें दर्ज हुईं, जो कि राज्य में सबसे ज्यादा है। इसके बाद कांगड़ा में 12 और शिमला में 10 मौतें हुईं।

Frequently Asked Questions

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