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प्रताप जयंती पर भागवत का बड़ा बयान- हल्दीघाटी में जीते थे महाराणा प्रताप, इतिहास में परोसा गया झूठा नैरेटिव

Published जून 17, 2026 · Updated जून 17, 2026 · By David Miller

महाराणा प्रताप जयंती पर भागवत का बयान: हल्दीघाटी विजय का झूठा इतिहास छुपा रहा

उदयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता के विचार

प रत प जय त पर भ - महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने बयान में हल्दीघाटी युद्ध के इतिहास के बारे में जोरदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही महाराणा प्रताप के जीत के बारे में आक्रमणकारियों के द्वारा एक विपरीत नैरेटिव परोसा गया हो, लेकिन वास्तविक इतिहास में उनकी विजय के बारे में रहस्य छिपा रहा है।

हल्दीघाटी युद्ध के महत्व और बाद के प्रभाव

भागवत ने उच्च आकांक्षा रखते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की प्रताप जयंती राष्ट्र के इतिहास में सम्मान वाला अध्याय है। उन्होंने अकबर के मुगल सैनिक बल के विरुद्ध उनके आक्रमण के बारे में विस्तार से बताया कि जीत के बाद भी मुगल फौज को वापस लौटना पड़ा। इतिहासकारों ने इस घटना के बारे में झूठा नैरेटिव बनाकर महाराणा प्रताप के उल्लेख को छुपा दिया गया।

भागवत ने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध केवल महाराणा प्रताप और उनकी सेना के बीच संघर्ष के रूप में नहीं रहा, बल्कि यह पूरे भारत की स्वतंत्रता चेतना की लड़ाई थी।

प्रताप जयंती के महत्व और राष्ट्रीय चेतना

मोहन भागवत ने अपने बयान में कहा कि जब महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाती है, तो इतिहास के पृष्ठभूमि में झूठा नैरेटिव छिपा रहता है। वे बताते हैं कि अकबर के आक्रमण के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रयास में प्रताप जयंती की विशेषता रहती है। इतिहासकारों ने अपनी प्रताप जयंती के बारे में झूठ के विपरीत नैरेटिव के साथ लोगों को भ्रमित किया।

महाराणा प्रताप और अकबर की तुलना

भागवत ने महाराणा प्रताप के जीवन और अकबर के शासन के बारे में गहरी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भले ही अकबर के सैन्य वित्तीय संसाधनों में विजय के आधार पर झूठा नैरेटिव बनाया गया, लेकिन महाराणा प्रताप की प्रताप जयंती में उनकी विरोधी सेना के विरुद्ध जीत की कहानी छिपी हुई है।

उन्होंने बताया कि इतिहास रचना के दौरान प्रताप जयंती के बारे में असली झूठ से छिपा इतिहास देशवासियों को प्रस्तुत किया गया।

विश्वास की रक्षा और इतिहास के दृष्टिकोण

मोहन भागवत ने अपने बयान में कहा कि आज भी इतिहासकारों द्वारा महाराणा प्रताप के प्रताप जयंती पर एक झूठा नैरेटिव बनाया जा रहा है। उन्होंने अकबर के आक्रमण के बारे में कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की जीत के बाद भी भारतीय सांस्कृतिक चेतना के विरुद्ध एक झूठा नैरेटिव छिपा रहा है।

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