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नागौर: हनुमान बेनीवाल की छोटी भाभी बनीं सरपंच, बड़ी भाभी को 149 वोटों से हराया

Published अक्टूबर 25, 2026 · Updated अक्टूबर 25, 2026 · By Charles Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com

न ग र: हनुमान बेनीवाल की छोटी भाभी राजबाला बनीं बरणगांव की सरपंच

Indianewslive247.com – न ग र जिले के बरणगांव में सरपंच चुनाव का परिणाम खास चर्चा में रहा। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां राजबाला बेनीवाल और मीरा बेनीवाल आमने-सामने थीं। इस पारिवारिक मुकाबले में राजबाला बेनीवाल ने 149 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

राजबाला बेनीवाल, हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी हैं। वहीं मीरा बेनीवाल उनके दूसरे भाई रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी हैं। दोनों देवरानी-जेठानी होने के साथ सगी बहनें भी हैं, जिससे यह पंचायत चुनाव और अधिक दिलचस्प बन गया।

मीरा बेनीवाल को मिले 21 वोट

बरणगांव सरपंच पद के चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे। मीरा बेनीवाल को 21 वोट मिले। अन्य प्रत्याशियों में पपीता को 440, पिस्ता को 109 और अन्नपूर्णा को 97 मत प्राप्त हुए। नोटा के पक्ष में आठ वोट पड़े, जबकि 62 मत निरस्त घोषित किए गए।

राजबाला बेनीवाल की जीत ने यह स्पष्ट किया कि चर्चित पारिवारिक रिश्तों के बावजूद मतदाताओं ने अपना फैसला मतदान के माध्यम से स्वतंत्र रूप से दर्ज किया। न ग र के इस चुनाव परिणाम ने स्थानीय राजनीति में बरणगांव को अलग पहचान दिलाई।

रामप्रसाद बेनीवाल का सरपंच कार्यकाल भी रहा चर्चा में

मीरा बेनीवाल के पति रामप्रसाद बेनीवाल पहले बरणगांव के सरपंच रह चुके हैं। वे लगभग 25 वर्षों तक इस पद पर रहे। उनके लंबे कार्यकाल और परिवार की दो बहुओं के चुनाव लड़ने के कारण गांव में इस मुकाबले पर विशेष नजर रही।

राजबाला बेनीवाल के निर्वाचित होने के बाद अब पंचायत से जुड़े स्थानीय विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और ग्रामीण जरूरतों के मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सरपंच गांव की पंचायत व्यवस्था में प्रतिनिधित्व और स्थानीय निर्णयों का प्रमुख दायित्व संभालता है।

हनुमान बेनीवाल ने नहीं किया किसी का प्रचार

बरणगांव हनुमान बेनीवाल का पैतृक गांव है। इसके बावजूद उन्होंने चुनाव में किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार नहीं किया। उन्होंने न तो राजबाला बेनीवाल के समर्थन में सार्वजनिक अभियान चलाया और न ही मीरा बेनीवाल के लिए प्रचार किया।

इस वजह से मुकाबला उम्मीदवारों और गांव के मतदाताओं के बीच केंद्रित रहा। न ग र के बरणगांव में आया यह परिणाम पंचायत चुनाव, पारिवारिक संबंधों और स्थानीय लोकतंत्र की एक अलग तस्वीर पेश करता है।

बरणगांव सरपंच चुनाव: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बरणगांव की नई सरपंच कौन बनीं?

राजबाला बेनीवाल बरणगांव की नई सरपंच चुनी गई हैं। उन्होंने मीरा बेनीवाल को 149 वोटों से हराया।

राजबाला और मीरा बेनीवाल का आपसी रिश्ता क्या है?

दोनों सगी बहनें हैं। विवाह के बाद वे एक ही बेनीवाल परिवार की सदस्य बनीं और सरपंच चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार रहीं।

क्या हनुमान बेनीवाल ने चुनाव प्रचार किया था?

नहीं। हनुमान बेनीवाल ने बरणगांव के इस सरपंच चुनाव में किसी भी उम्मीदवार के लिए सार्वजनिक रूप से प्रचार नहीं किया।

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