नकली सिक्के: छह मशीनें, कार और 39 बिना मुहर की डाई बरामद, इन खास जगहों पर खपाते थे पैसे
सहारनपुर में नकली 20 रुपये के सिक्कों का गिरोह पकड़ा, पांच गिरफ्तार
Indianewslive247.com – नकल स क क के मामले में सहारनपुर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। जुबली पार्क क्षेत्र से पकड़े गए आरोपियों के पास से नकली और अधबने सिक्के, सिक्का बनाने की मशीनें, डाई, वाहन, मोबाइल फोन और हिसाब-किताब से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, सोनीपत में सिक्के तैयार करने का प्लांट चलाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में 70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नकली सिक्के बाजार में चलाने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस आंकड़े की पुष्टि के लिए पुलिस बरामद रजिस्टरों, मोबाइल डेटा और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।
बाजार से मिली सूचनाओं पर शुरू हुई जांच
एसएसपी अभिनंदन सिंह के अनुसार, बाजार में नकली सिक्के इस्तेमाल होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। सुरागों के आधार पर रविवार को जुबली पार्क से पांच लोगों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश शामिल हैं। पुलिस उनसे निर्माण, सप्लाई और सिक्कों को बाजार तक पहुंचाने वाले अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
छह मशीनें और बड़ी संख्या में डाई बरामद
पुलिस ने 1.28 लाख रुपये मूल्य के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए हैं। करीब पांच लाख रुपये मूल्य के अधबने सिक्के भी जब्त किए गए। बरामद सामग्री में छह सिक्का-निर्माण मशीनें, पांच लोहे की डाई, 39 बिना मुहर वाली डाई और 20 मुहर लगी डाई शामिल हैं।
डाई पॉलिश मशीन, दो घिसाई पत्थर और अन्य उपकरण भी मिले हैं। पुलिस का मानना है कि इनका इस्तेमाल सिक्कों को तैयार करने और उनकी फिनिशिंग करने में किया जाता था। इसके अलावा 500-500 रुपये के 20 नोट, आठ मोबाइल फोन, दो कार, सात हिसाब रजिस्टर, पैड और एक चेकबुक भी कब्जे में ली गई है।
सोनीपत से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई का शक
जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि सोनीपत में कथित प्लांट लगाकर सिक्के तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन्हें विभिन्न राज्यों में भेजे जाने का संदेह है। नकल स क क की जांच अब कच्चे माल के स्रोत, परिवहन के माध्यम और खरीदारों या वितरकों की पहचान तक बढ़ाई जा रही है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे मुख्य रूप से 20 रुपये के सिक्के बनाते थे। इन सिक्कों को सामान्य बाजार के अलावा शराब ठेकों और टोल प्लाजा पर चलाने का प्रयास किया जाता था, जहां छोटे लेन-देन अधिक होते हैं।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, हिसाब रजिस्टरों और वाहनों से जुड़े सुरागों के आधार पर कथित सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
संदिग्ध सिक्का मिलने पर क्या करें?
यदि किसी दुकानदार, यात्री या ग्राहक को सिक्के की बनावट, किनारे, वजन या निशान में असामान्यता दिखे तो उसे आगे चलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सिक्के को अलग रखकर नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित बैंक को सूचना दी जा सकती है।
नकल स क क से बचाव के लिए नकद लेन-देन के दौरान जल्दबाजी में सिक्के स्वीकार करने के बजाय उनकी सतह और किनारों पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और इससे जुड़े अन्य लोगों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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