‘ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार हैं’: वांगचुक के समर्थन में राकेश टिकैत का बड़ा एलान, सोनम की लगातार बिगड़ रही तबीयत
ट्रैक्टर ट्रॉली तैयार: वांगचुक के समर्थन में केजरीवाल, यादव और टिकैत के बड़े एलान
ट र क टर ट र ल - ट्रैक्टर ट्रॉली के तैयार हो रहे आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल, सांसद डिंपल यादव और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जंतर मंतर पहुंचकर एकजुटता दिखाई। सोनम वांगचुक के लगातार बिगड़ रहे आंतरिक राजनीति और भूख हड़ताल के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति अब भी चिंता के विषय है।
मानसिक और शारीरिक खतरे के बीच एकजुट आंदोलन
जंतर मंतर पर उपस्थिति के दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करने की मांग करते हुए अखिलेश यादव भी एकजुटता दिखाई। बच्चों, युवाओं और श्रमिकों के संघर्ष के बारे में बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि यह देश के भविष्य के लिए एक बड़ी गतिशक्ति है। आंदोलन के तीन दिन बाद लोगों के आंदोलन में भाग लेने के लिए बॉलीवुड कलाकारों और शिक्षाविदों की ताजगी भी नजर आई।
हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक का वजन नौ किलोग्राम तक कम हो गया है। मेडिकल जांच में उनका ब्लड प्रेशर 101/65 मिमी गेग रिकॉर्ड किया गया है, जो उनकी चिंता के चिंता करने वाली चीज है। डॉक्टर सतीश लांबा के अनुसार, वांगचुक लगातार बीमारी के बीच भी होश में हैं लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति में धीरे-धीरे गिरावट देखी गई।
अखिलेश यादव और केजरीवाल के आंदोलन में अपने समर्थन के बारे में
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के संघर्ष देश के भविष्य के लिए है और सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से उनके साथ खड़े रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने भी युवा आंदोलन के बारे में कहा कि इसका समर्थन जनता के हित के लिए है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जंतर मंतर पर यह कहा कि ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ एकजुटता दिखाई गई और आंदोलन के तीन दिन बाद अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए उनकी आवाज बुलंद हो रही है। समाजवादी पार्टी आंदोलन में एकजुटता दिखाई और युवा छात्रों की मांग का समर्थन कर रही है।
राकेश टिकैत ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली के आंदोलन के दौरान युवा और किसान अपने आंदोलन को एकजुटता से बढ़ाएंगे। विश्वास करते हुए वह 20 जुलाई को एक बड़ा जनसैलाब आएगा। यह देश के लोगों के बीच एक स्पष्ट रूप से आंदोलन है।
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