जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ा एक्शन: कुलगाम से बांदीपोरा तक एनआईए का शिकंजा, कई ठिकानों पर छापे
जम्मू-कश्मीर में एनआईए की छापेमारी, कई ठिकानों की तलाशी
Indianewslive247.com – जम म कश म र म आत - जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोपोर, कुलगाम और बांदीपोरा में कई स्थानों पर तलाशी ली, जबकि जम्मू संभाग के पूंछ और उधमपुर में भी जांच अभियान चलाया गया।
सोपोर, कुलगाम और बांदीपोरा में एनआईए की कार्रवाई
सोपोर क्षेत्र में एनआईए ने दो आवासीय परिसरों की तलाशी ली। पुलिस स्टेशन सोपोर के अंतर्गत गुंड ब्राठ इलाके में गुलाम मोहम्मद तंतरी के घर की जांच की गई। अरामपोरा के तेलियां मोहल्ला निवासी शबनम के गौसिया आबाद स्थित आवास पर भी टीम पहुंची।
तलाशी के दौरान स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने एनआईए की मदद की। कुलगाम और बांदीपोरा में भी कई रिहायशी परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया है। बरामदगी या संबंधित मामलों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
ऐसे अभियान में जांच एजेंसियां संदिग्ध संपर्कों, संचार माध्यमों, वित्तीय लेनदेन और स्थानीय सहयोग से जुड़े सुरागों की पड़ताल करती हैं। जम्मू-कश्मीर में विभिन्न जिलों में एक साथ की गई कार्रवाई का उद्देश्य संभावित नेटवर्क की कड़ियों को समझना हो सकता है।
पूंछ और उधमपुर में भी तलाशी अभियान
जम्मू संभाग में सीआरपीएफ की टीमों ने पूंछ और उधमपुर जिलों के तीन स्थानों पर जांच की। पूंछ के मंडी तथा सुरनकोट क्षेत्रों और उधमपुर के रामनगर इलाके में तलाशी ली गई। मंडी के चीला डांगरी क्षेत्र में मुन्नबर हुसैन के आवासीय परिसर की भी जांच की गई।
अधिकारियों ने इन स्थानों पर हुई कार्रवाई को किसी विशेष मामले से जोड़ते हुए विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर सत्यापन, पूछताछ और तलाशी अभियान चलाए जाते हैं।
हाफिज सईद के खिलाफ दोबारा गैर-जमानती वारंट
एक अन्य आतंकी नेटवर्क मामले में एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत को बताया कि लश्कर-ए-ताइबा का संस्थापक और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान में है। एजेंसी की अर्जी पर अदालत ने दो महीनों के भीतर दूसरी बार उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
एनआईए की जांच के अनुसार, सईद कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों को हथियार, धन और दिशा-निर्देश उपलब्ध करा रहा था। यह मामला श्रीनगर के पांदाच क्षेत्र में मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के बाद सामने आए कथित नेटवर्क से जुड़ा है। जांच में भट के पास से चीन निर्मित ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस मिलने का उल्लेख किया गया था।
जांच आगे बढ़ने पर लश्कर-ए-ताइबा, उससे जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के कई संदिग्धों और दो पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई थी। इससे पहले जुलाई में भी हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
अवंतीपोरा और अनंतनाग में नशा विरोधी कार्रवाई
अवंतीपोरा पुलिस ने कश्मीर से बाहर भेजी जा रही करीब 1.8 क्विंटल केसर के कंद की खेप जब्त की है। पुलिस ने खेप को बाहर ले जाने की कोशिश नाकाम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
वहीं, अनंतनाग पुलिस ने वाघामा क्षेत्र में नार्को कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया। शनिवार को करीब 20 स्थानों पर तलाशी ली गई और 13 संदिग्ध नार्को तस्करों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने वाघामा को नशा तस्करी के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है।
एनसीबी जम्मू ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर में हेरोइन तस्करी के दो मार्गों का खुलासा करते हुए विभिन्न कार्रवाइयों में कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। इन मामलों में जम्मू-सांबा क्षेत्र और पंजाब से जुड़े आपूर्ति नेटवर्क के संकेत सामने आए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एनआईए की तलाशी किन क्षेत्रों में हुई?
एनआईए ने सोपोर के अलावा कुलगाम और बांदीपोरा में कई ठिकानों की तलाशी ली। जम्मू संभाग में पूंछ और उधमपुर में भी जांच अभियान चलाया गया।
अनंतनाग में कितने संदिग्धों से पूछताछ की गई?
वाघामा क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान 13 संदिग्ध नार्को तस्करों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
जम्मू-कश्मीर में इन अभियानों का उद्देश्य क्या है?
इन अभियानों का उद्देश्य संदिग्ध आतंकी संपर्कों, वित्तीय गतिविधियों, स्थानीय सहयोग और नशा तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच करना है। मामलों में अंतिम निष्कर्ष आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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