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चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस प्रमुख राजा वड़िंग ने की इस्तीफे की पेशकश, आलाकमान के फैसले की सूचना पर उठाया कदम

Published अक्टूबर 1, 2026 · Updated अक्टूबर 1, 2026 · By David Taylor - indianewslive247.com

Foto : David Taylor - indianewslive247.com

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को राजा वारिंग तैयार

Indianewslive247.com – च ड गढ - चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। बताया गया है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें अध्यक्ष पद में संभावित बदलाव के फैसले की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

यह घटनाक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नए ढंग से तैयार करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के लिए प्रदेश अध्यक्ष का चयन केवल पद बदलने का मामला नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और चुनावी तैयारी मजबूत करने से भी जुड़ा है।

विजय इंदर सिंगला का नाम चर्चा में

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। उन्हें 1 जुलाई को कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।

सिंगला कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य भी हैं और पार्टी में हिंदू चेहरे के रूप में उनकी पहचान है। संगठनात्मक जिम्मेदारियों तथा राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ उनके संपर्क को संभावित नियुक्ति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अन्य नेताओं के नाम भी सामने आए

चंडीगढ़ से चल रही राजनीतिक चर्चाओं में जालंधर कैंट के विधायक और पूर्व ओलंपियन परगट सिंह का नाम भी शामिल है। पंजाब के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले परगट सिंह को पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।

पूर्व विधायक राणा केपी सिंह और राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया भी संभावित विकल्पों में बताए जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर भी चर्चा है।

पार्टी आलाकमान के सामने ऐसे नेता के चयन की चुनौती होगी जो अलग-अलग क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों के बीच संतुलन बना सके। नए अध्यक्ष को नेताओं, विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना होगा।

2027 चुनाव से पहले संगठन पर जोर

पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में प्रदेश इकाई के नए प्रमुख के सामने जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन को सक्रिय करने, अंदरूनी मतभेदों को कम करने और चुनावी अभियान की दिशा तय करने का दायित्व रहेगा।

प्रदेश अध्यक्ष केंद्रीय नेतृत्व और राज्य के कार्यकर्ताओं के बीच अहम कड़ी होता है। संगठनात्मक नियुक्तियों, स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारियों में इस पद की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

राजा वारिंग की इस्तीफे की पेशकश के बाद नए अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजा वारिंग ने इस्तीफे की पेशकश क्यों की?

पार्टी आलाकमान की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के संभावित निर्णय की जानकारी मिलने के बाद राजा वारिंग ने पद छोड़ने की पेशकश की।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए किन नामों की चर्चा है?

विजय इंदर सिंगला के अलावा परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम चर्चा में हैं।

पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव कब होगा?

पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, इसलिए कांग्रेस संगठनात्मक तैयारियों पर जोर दे रही है।

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