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खबर का असर: भोले की शरण में पहुंचे बच्चों की गुहार रंग लाई, कांवड़ लेकर घर लौटे तो डीएम ने स्कूल फीस माफ कराई

Published अगस्त 13, 2026 · Updated अगस्त 13, 2026 · By Michael Martin - indianewslive247.com

Foto : Michael Martin - indianewslive247.com

कांवड़ लौटे बच्चों की स्कूल फीस माफ, डीएम ने गोद लिया संभालने का जिम्मा

Indianewslive247.com – खबर क असर - हरिद्वार की यात्रा से वापस आने के बाद जब कांवड़ लेकर घर पहुंचे, तो डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों बच्चों की स्कूल फीस माफ करवा दी। अमर उजाला के 11 अगस्त वाले अंक में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में बच्चों को बुलाया और उन्हें दो-दो स्कूल ड्रेस, बैग, किताबों का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन और जूते-मोजे प्रदान किए।

फीस माफ की गई, भविष्य में भी नहीं ली जाएगी

डीएम के अनुसार साधना नगर पालिका इंटर कॉलेज कोसीकलां में पढ़ती है, जहां उसकी फीस पहले से ही माफ थी। प्रेरणा की फीस भी पहले से माफ थी। शेष दो बच्चों मुस्कान और शिवम की बकाया फीस क्रमशः 6,800 रुपये और 5,500 रुपये स्कूल प्रबंधक से बात कर पूरी तरह माफ करवा दी गई है। आदेश दिए गए हैं कि भविष्य में भी इनसे कोई फीस नहीं ली जाएगी।

उप जिलाधिकारी छाता अखिलेश कुमार ने चारों मासूमों को गोद ले लिया है। अब वे इनकी आगे की पूरी पढ़ाई और देखभाल का जिम्मा संभालेंगे।

भगवान शिव पर था अटूट भरोसा

भरत सिंह का कहना है कि फीस न भर पाने और स्कूल से नाम कटने के दर्द से जूझ रहे बच्चों ने शिक्षा की आस में हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। बच्चों का मानना था कि भोलेनाथ ही उनकी राह आसान करेंगे।

जब अधिकारियों को हमारी मजबूरी और समस्या का पता चला, तो उन्होंने तुरंत हमारे घर आकर संपर्क किया। प्रशासन की मदद से हमारे बच्चों की स्कूल फीस माफ हो गई है और उन्हें ड्रेस, किताबें, बैग व पेन जैसी सभी सुविधाएं मिल गई हैं। हमें आवास योजना का लाभ और पहली किस्त भी मिल चुकी है।

प्रशासनिक पहल के बाद बच्चों के चेहरों पर दोबारा पढ़ाई शुरू होने की खुशी साफ झलक रही है।

परिवार को सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि बच्चों के पिता भरत सिंह परचून की दुकान चलाते हैं और मां सुनीता सिलाई का काम करती हैं। दोनों दिव्यांग हैं और उन्हें प्रदेश सरकार की दिव्यांग पेंशन का नियमित लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 1 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन से बच्चों की स्कूल फीस माफ की गई? चार बच्चों - साधना, प्रेरणा, मुस्कान और शिवम की स्कूल फीस पूरी तरह माफ की गई है।

डीएम ने कब कार्रवाई की? अमर उजाला की 11 अगस्त 2026 को छपी खबर के बाद डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की फीस माफ करवा दी।

क्या भविष्य में भी फीस नहीं ली जाएगी? जी हां, डीएम के आदेश के अनुसार भविष्य में भी इन चारों बच्चों से कोई स्कूल फीस नहीं ली जाएगी।

परिवार को अन्य सरकारी लाभ मिले हैं? हाँ, परिवार को दिव्यांग पेंशन का नियमित लाभ मिल रहा है और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।

कौन सा उप जिलाधिकारी बच्चों को गोद ले गया? उप जिलाधिकारी छाता अखिलेश कुमार ने चारों बच्चों को गोद ले लिया है और उनकी पूरी पढ़ाई और देखभाल का जिम्मा संभालेंगे।

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