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अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में गबन की जांच के लिए पीएमओ से पहुंचे अफसर, आज पहुंचेगी एसआईटी

Published जून 15, 2026 · Updated जून 15, 2026 · By Patricia Gonzalez

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे में दान गड़बड़ी की जांच के लिए पीएमओ से आए अफसर

अय ध य - रविवार को अधिकारियों के साथ मुलाकात किए बिना ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार शनिवार को अयोध्या पहुंचे थे और घोषणा की थी कि रविवार सुबह डीआईजी एवं एसएसपी से मिलकर राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा था कि श्रद्धालुओं के दान में अप्राप्त धन के लिए दोषियों के खिलाफ एफआईआईआर दर्ज करने की मांग करेंगे।

“यदि कोई व्यक्ति श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी करता है, तो उसे जेल भेजना चाहिए।”

रविवार को अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए तय किया गया कार्यक्रम नाकाम हो गया। इस बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपेटियों एवं चढ़ावे के प्रबंधन की जांच कर रहे थे। उन्होंने दान एकत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था एवं बैंक में जमा कराने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके अलावा, वे रामलला के गर्भगृह में रखे गए दान पेटियों की भी निगरानी कर रहे थे। मिश्र ने एसआईटी की गठन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार की कार्यशैली की सराहना की।

सपा सांसद ने ट्रस्ट के खिलाफ सवाल उठाए

रविवार को सिविल लाइंस स्थित होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए सपा के सांसद अवधेश प्रसाद राम मंदिर चढ़ावा मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह घटना सामान्य वित्तीय गड़बड़ी से अधिक गंभीर है और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने ट्रस्ट के खिलाफ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की।

“प्रदेश सरकार की एसआईटी पर मेरा भरोसा नहीं है। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित स्वतंत्र समिति से कराई जाए।”

एसआईटी गठित करने के बाद ट्रस्ट कार्यालय में एक नए उच्च सुरक्षा वाले लॉकर को स्थापित कर दिया गया। इसका उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त धन, आभूषण एवं अन्य मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा में सुधार करना है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करवाया।