अयोध्या प्रकरण: 140 पन्नों की SIT रिपोर्ट से बढ़ी हलचल, चढ़ावा चोरी मामले के विस्तृत तथ्य और साक्ष्य जोड़े गए
अयोध्या प्रकरण: 140 पन्नों की SIT रिपोर्ट से बढ़ी हलचल, चढ़ावा चोरी मामले के विस्तृत तथ्य और साक्ष्य जोड़े गए
अय ध य प रकरण - शनिवार की रात एसआईटी अयोध्या छोड़कर लखनऊ के लिए रवाना हो गई। इस जांच दल ने राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से जुड़े गबन प्रकरण की गहरी जांच करके लगभग 140 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर ली। इसमें मामले के विस्तृत तथ्य और साक्ष्यों की जानकारी शामिल है। हालांकि, एसआईटी के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और जांच के परिणामों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
बताया गया है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से एक बार फिर पूछताछ कर ली गई। इसमें बंद कमरे में लगभग तीन घंटे तक चली वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था कर दी गई। जांच के सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर कई व्यक्तियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
अगर दानपात्र के मामले में लापरवाही या अनियमितता पाई गई, तो कुछ सेवादारों की सेवाएं समाप्त कर दी जा सकती है।
एसआईटी की जांच में तथ्य सामने आए हैं, जिनमें मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में हैं। विशेष जांच दल ने एक सप्ताह तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, गणना कर्मियों और पकड़े गए संदिग्धों से लंबी पूछताछ कर ली।
बताया गया है कि चढ़ावे की राशि में चोरी की पुष्टि हो गई है। इसे संदिग्धों ने स्वीकारा भी है। अयोध्या से शनिवार को लखनऊ लौटी एसआईटी सोमवार को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप सकती है। उसके बाद दोषियों और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
13 जून को गठित एसआईटी जांच के लिए 15 जून को अयोध्या पहुंची थी। इसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आईजी किरन एस और वित्त विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल थे। इन लोगों ने छह दिन में विभिन्न व्यक्तियों से जानकारी एकत्र की।