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Report: केंद्र का राजकोषीय घाटा अप्रैल-मई में बढ़ने का कारण सब्सिडी और ब्याज भुगतान, जानिए रिपोर्ट में क्या

Published जुलाई 2, 2026 · Updated जुलाई 2, 2026 · By Jessica Wilson

केंद्र के राजकोषीय घाटे में वृद्धि, आईक्यूरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार

Report - 2027 के वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों में केंद्र सरकार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। आईक्यूरस सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में बताया गया कि अप्रैल-मई में राजकोषीय घाटा बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 9.6 फीसदी है। इस वृद्धि के पीछे उच्च सब्सिडी और ब्याज भुगतान के मुख्य कारण रहे।

अधिक व्यय और कम प्राप्ति

रिपोर्ट में कुल व्यय में 18 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कुल प्राप्तियों में लगभग 2 फीसदी की कमी आई। यह कमी राजस्व वृद्धि की चिंता के कारण हुई। जीएसटी और उत्पाद शुल्क के संग्रह में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सीमा शुल्क और कॉरपोरेट कर संग्रह में बढ़ोतरी हुई।

सामान्य आय और चिंताएं

सकल कर राजस्व में केवल 1.8 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई। इस अवधि में कच्चे तेल की कीमतों के गिरने के कारण सीमा शुल्क राजस्व नरम हो सकता है, रिपोर्ट द्वारा चेतावनी दी गई। आयकर संग्रह भी सुस्त रहा, जिससे वार्षिक लक्ष्य पूरा करने में उल्लेखनीय सवाल उठे हैं।

सब्सिडी और ब्याज भुगतान का प्रभाव

रिपोर्ट के अनुसार, सब्सिडी का खर्च वित्तीय दृष्टिकोण के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। इसके साथ ही उर्वरक सब्सिडी बढ़ी, जो वैश्विक इनपुट कीमतों में वृद्धि के कारण हुई। खाद्य सब्सिडी में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई, जो उच्च खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य के कारण हुई। ब्याज भुगतान इस अवधि में लगातार बढ़े हैं।

अगले महीनों की स्थिति और लक्ष्य

अधिकारियों ने उल्लेख किया कि छह लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाली सब्सिडी एवं ब्याज भुगतान के कारण वित्तीय स्थिति कमजोर हुई। हालांकि, आईक्यूरस सिक्योरिटीज का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में कमी आई, जिससे राजकोषीय घाटा के लक्ष्य के प्राप्त होने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष और उम्मीद

रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 के बाकी भाग में स्थिति बेहत