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India-Peru FTA: भारत-पेरू एफटीए फिलहाल नहीं; कनाडा से बातचीत में तेजी, जानिए इस्राइल पर क्या बोले पीयूष गोयल

Published जुलाई 4, 2026 · Updated जुलाई 4, 2026 · By Michael Martin

India-Peru FTA: भारत-पेरू एफटीए फिलहाल नहीं; कनाडा से बातचीत में तेजी, जानिए इस्राइल पर क्या बोले पीयूष गोयल

India Peru FTA - केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो 2026 के दौरान विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और पेरू के बीच एफटीए के लिए आगामी अवधि में तेजी नहीं आएगी। इसके पीछे मुख्य कारण कुछ उत्पादों के बाजार पहुंच के लिए चिंताएं हैं। गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत उन उत्पादों के लिए पेरू में बाजार में पहुंच प्रदान नहीं कर सकता है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

कनाडा के साथ व्यापार वार्ता की गति बढ़ रही है

गोयल ने जानकारी दी कि कनाडा के साथ एफटीए पर वार्ता अच्छी तरह से चल रही है। वह इस समझौते के अगले महत्वपूर्व दौर के बारे में बताएंगे जो सोमवार को शुरू होने वाला है। भारत सरकार इस समझौते को अगले छह महीनों में संपन्न करने की कोशिश कर रही है। इसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को गति देना है।

इस्राइल के साथ बातचीत धीमी चल रही है

भारत और इस्राइल के बीच एफटीए पर बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण इसकी गति तेज नहीं हो सकी है। गोयल ने उम्मीद जताई कि शांति प्रक्रिया के समापन के बाद इन बातचीतों में तेजी आएगी।

यूरोपीय संघ के साथ संवाद के उद्देश्य

मंत्री गोयल ने बताया कि वह विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रुसेल्स जाएंगे। इस यात्रा के दौरान यूरोपीय आयोग के साथ भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के संवाद में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह संवाद भारत के अंतिम रूप दिए गए मुक्त व्यापार समझौते का पूरक बनेगा, जो उसके क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करेगा।

“खिलौना उद्योग का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और यह उल्लेखनीय प्रगति के लिए पूरी तरह तैयार है।”

गोयल ने वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंताओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विजिटर्स की मेजबानी कर रहा है, जो देश के आर्थिक सफलता के लक्षण हैं। इस तरह के संबंध देश को 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने भारतीय उद्योग को गुणवत्ता, स्केल और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया।