Explainer: क्या है ‘बॉस स्कैम’? क्यों सहमी कॉरपोरेट दुनिया, जानिए व्हाट्सएप के जरिए कैसे हो रही लाखों की ठगी
बॉस स्कैम क्या है? Explainer के लिए जानिए इस ठगी के बारे में
Explainer: बॉस स्कैम एक गंभीर ठगी का रूप है, जहां हैकर्स व्हाट्सएप के जरिए कॉरपोरेट दुनिया के शीर्ष अधिकारियों के अकाउंट के नियंत्रण छिपा लेते हैं। इस स्कैम में फोन के फिजिकल एक्सेस की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए अक्सर खतरनाक धोखेबाजी असली नंबर के आधार पर ले जाई जाती है। इस धोखाधड़ी के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यह Explainer आपके लिए बनाई गई है।
बॉस स्कैम कैसे होती है?
इस स्कैम के दौरान, ठगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मैलवेयर ने व्हाट्सएप के सैशन टोकन की छिपाने की क्षमता होती है। इस तकनीक के कारण, अधिकारियों के नंबर से आए मैसेज को सही लिया जाता है, लेकिन असली जानकारी के बिना भी आदेश देने की संभावना होती है। इस प्रक्रिया में, हैकर्स द्वारा व्हाट्सएप के अधिकारियों के संदेश बदल दिए जाते हैं, जिससे अत्यधिक धन अप्रत्यक्ष रूप से चुराया जा सकता है।
कर्मचारियों के असावधानी के कारण खतरा
बॉस स्कैम की सफलता अक्सर बिना प्रमाणित डेटा के आधार पर होती है। मैकेफी के अनुसार, फाइनेंस टीम के कर्मचारियों को बॉस के नाम से आए आदेशों में विचार करने की आवश्यकता नहीं होती, विशेष रूप से जब वे कार्य के बारे में व्हाट्सएप के जरिए अपडेट लेते हैं। इसके चलते, कर्मचारी असली फैसला लेने के बजाए आत्म विश्वास के साथ कार्य अपनाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप लाखों की धोखा देखने के लिए कारण होते हैं।
तकनीकी तरीके कैसे असली अधिकारियों के लिए समस्या बन गए
इस ठगी में, तकनीकी उपकरण जैसे डीपफेक और एआई का इस्तेमाल करके अधिकारियों के रूप में असली लोगों का नकला करने की क्षमता होती है। I4C के अनुसार, व्हाट्सएप के जरिए प्राप्त आदेशों को समय पर वेरिफिकेशन करना आवश्यक है, विशेष रूप से जब इसे फाइनेंस टीम या एचआर डिपार्टमेंट के कार्य से जोड़ दिया जाता है। अगले दौर में, यह स्कैम खतरनाक रूप से बढ़ सकता है, लेकिन Explainer के माध्यम से बचाव करना संभव है।
कौन-कौन से कर्मचारी सबसे अधिक खतरे में हैं?
मैकेफी के अनुसार, फाइनेंस टीम, अकाउंट्स विभाग और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सबसे अधिक बॉस स्कैम के शिकार बन सकते हैं। नए कर्मचारियों पर खतरा अत्यधिक है, क्योंकि उन्हें कंपनी के प्रक्रिया और नियमों के ब