चीन की पांच कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध: गूगल के पूर्व इंजीनियर से क्या है कनेक्शन, बीजिंग ने जताई नाराजगी?
चीन की पांच कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध
Indianewslive247.com – च न क प च क पन - च न क प च क कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर बीजिंग ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई से संबंधित चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने अमेरिका से अपने फैसले में सुधार करने की अपील की और कहा कि चीन आवश्यक कदम उठाएगा, हालांकि उसने इन कदमों का विवरण नहीं दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए। इन कंपनियों का संबंध गूगल के पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग से बताया गया है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, डिंग ने शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी और गूगल में अपने अनुभव का प्रचार किया था।
झिसुआन और मिरेकलप्लस का संबंध
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि झिसुआन ने गूगल की सुपर इंटेलिजेंस से जुड़ी बुनियादी तकनीक को दोबारा तैयार करने का दावा किया था। प्रतिबंधों में झिसुआन के अलावा स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी देने वाले कार्यक्रम मिरेकलप्लस को भी शामिल किया गया है। मिरेकलप्लस ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले शुरुआती निवेश किया था।
च न क प च क कंपनियों में शामिल तीन अन्य फर्मों का संबंध भी मिरेकलप्लस से बताया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, झिसुआन ने पांच जनवरी 2023 या उसके बाद अमेरिकी नागरिकों के व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर कथित चोरी में जानबूझकर भाग लिया या उससे लाभ उठाया।
लिनवेई डिंग पर क्या आरोप लगे थे?
डिंग पर 2024 में गूगल से एआई से जुड़े व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप लगाया गया था। आरोपों के अनुसार, वह गुप्त रूप से चीन में स्थित दो कंपनियों के लिए भी काम कर रहा था। जनवरी में सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय जूरी ने उसे आर्थिक जासूसी और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के कई मामलों में दोषी ठहराया था।
बाद में एक न्यायाधीश ने आर्थिक जासूसी से जुड़े आरोप खारिज कर दिए। इसके बाद डिंग को 12 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। अमेरिकी न्याय विभाग आर्थिक जासूसी के आरोपों को खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि देश में एआई क्षेत्र की प्रगति लंबे समय से चल रहे बुनियादी शोध, नवाचार में निवेश, स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास और खुले सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन की तकनीकी उपलब्धियों का व्यापारिक रहस्यों की कथित चोरी से कोई संबंध नहीं है। च न क प च क कंपनियों के मुद्दे पर बीजिंग ने अमेरिकी कार्रवाई को गंभीर बताते हुए अपने हितों की रक्षा करने की बात दोहराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमेरिका ने किन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए?
अमेरिका ने पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी और शुरुआती निवेश कार्यक्रम मिरेकलप्लस शामिल हैं।
चीन ने प्रतिबंधों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
चीन ने प्रतिबंधों का विरोध करते हुए कहा कि इससे उसकी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को नुकसान पहुंचा है। बीजिंग ने अमेरिका से कार्रवाई सुधारने की मांग की है।
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