48 घंटे बाद 10 किलोमीटर दूर मिला शव: जब सबने छोड़ दी आश तब खुद सामने आ गई पवन की लाश
48 घ ट ब द 10 क – 48 घंटे बाद 10 किलोमीटर दूर मिले युवक के शव के बारे में चर्चा जारी है। गृह राज्य के बुधवार को बुधगढ़ी के पास गंगनहर के तेज बहाव के कारण एक युवक के शव के खोजबीन के लिए अभियान शुरू किया गया। अंततः शव के निकालने में सफलता मिली, जिसमें पवन के परिजन के साथ लोगों के निरंतर प्रयास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
हादसा के बारे में
हादसा शनिवार को गोकुलपुरी स्कूल के छात्र पवन (18) के साथ हुआ था। बताया गया है कि पवन गंगनहर में नहाने के लिए गोकुलपुरी से मुरादनगर के उत्तर की ओर जाने के दौरान गहरे पानी में डूब गया। तेज बहाव और छिपे तलछट के कारण उनका शव दूर तक बह गया, जिसके बारे में बुधवार को आसपास के क्षेत्र के लोगों के समर्थन के बगैर पहले से खबर थी।
गंगनहर में खोजबीन के दौरान एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने जबरदस्त प्रयत्न किए। रविवार के दिन शव के निकालने के लिए एक समन्वित कार्य शुरू किया गया लेकिन पवन के शव को 48 घंटे बाद उत्तर की ओर बहता हुआ गांव भूडगढ़ी के पास 10 किलोमीटर दूर तक निकाला जा सका।
लोगों के प्रयास और राहत
पवन के लेखक लक्की और तनिष्क ने उनके शव के खोजबीन में समय और धन खर्च किए। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे शव के निकालने की जानकारी मिली जो भूडगढ़ी के निकट रजवाहे में उतराता रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने शव के निकालने में लगातार अभियान आयोजित किए और अंततः पहचान के लिए सफलता मिली।
शव के खोज और निकालने के बाद पुलिस ने उसे मेडिकल परिक्षण के लिए भेजा। अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पवन के परिजन वेव सिटी थाने पहुंचे और शव की पहचान कर ली। पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही के बारे में बताया गया कि उनके अंतिम संस्मरण के लिए समाज के बुद्धिजीवियों और आम लोगों के समर्थन के बगैर भी प्रयत्न किए गए।
हादसा के बारे में और अधिक जानकारी के लिए भूडगढ़ी के आसपास लोगों के निरंतर प्रयास शामिल रहे। बताया गया है कि एसडीआरएफ टीम के तेजी से कार्य करने के बाद शव के निकालने में 48 घंटे बाद सफलता मिली, जो रजवाहे के निकट बहता हुआ 10 किलोमीटर दूर तक आ गया।
इस हादसे के बारे में बताया गया है कि पवन के शव के निकालने में लोगों के लगातार भाग लेने के बाद अंततः उत्तर की ओर ले जाया गया। रविवार के दिन खोजबीन के दौरान अधिकारियों के आवास के बगैर भी समुदाय के सदस्यों ने जिम्मेदारी लेकर शव के खोजबीन में मदद की।
“48 घंटे बाद जब पवन के शव को रजवाहे से बहता हुआ 10 किलोमीटर दूर तक निकाला गया, तब आशा के बाद भी लोगों के प्रयास तेज हो गए।”
