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अगले नौ दिन संकट: दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर जहरीली, एक्यूआई 200 पार; प्रदूषण में गुरुग्राम का योगदान सबसे अधिक

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Foto : Michael Martin - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. अगल न द न स कट: दिल्ली-एनसीआर में हवा खराब, राहत के आसार कम
  2. परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत
  3. वायु गुणवत्ता सूचकांक को समझें
  4. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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  6. Frequently Asked Questions

अगल न द न स कट: दिल्ली-एनसीआर में हवा खराब, राहत के आसार कम

Indianewslive247.com – अगल न द न स कट के बीच दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 200 के पार दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली के 56 निगरानी केंद्रों में से तीन केंद्रों पर हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। पूसा में सबसे अधिक एक्यूआई 324 रहा। इसके अलावा 36 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ और 17 केंद्रों पर ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।

अगले नौ दिनों तक विशेष सुधार की उम्मीद नहीं

वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुमान के मुताबिक, 23 से 26 अक्तूबर तक दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। इसके बाद के करीब छह दिनों में भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं जताई गई है।

इस अगल न द न स कट में लोगों को सुबह और देर शाम बाहर लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं हैं, वे डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत

आईआईटीएम पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 20.3 प्रतिशत रही। आवासीय स्रोतों का योगदान 5.2 प्रतिशत, पराली जलाने का 5.1 प्रतिशत और उद्योगों का 4.2 प्रतिशत दर्ज किया गया।

निर्माण गतिविधियों से 2.6 प्रतिशत, ऊर्जा क्षेत्र से दो प्रतिशत, कचरा जलाने से 1.8 प्रतिशत और सड़क की धूल से 1.4 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज हुआ। एनसीआर जिलों में गुरुग्राम का योगदान सबसे अधिक 8.8 प्रतिशत रहा। झज्जर का योगदान 6.1 प्रतिशत और गौतमबुद्ध नगर का 4.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। गाजियाबाद 3.7 प्रतिशत और फरीदाबाद 3.3 प्रतिशत के साथ आगे रहे।

मौसम का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक को समझें

एक्यूआई में 0 से 50 तक हवा अच्छी, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी मानी जाती है। दिल्ली का 200 से अधिक एक्यूआई हवा के खराब स्तर की ओर संकेत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खराब एक्यूआई में किन लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए?

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, हृदय या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए। सांस फूलने, खांसी या आंखों में जलन बढ़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

प्रदूषण के दौरान बाहर निकलते समय क्या करें?

अनावश्यक बाहरी गतिविधियां कम करें, व्यस्त सड़कों के पास व्यायाम से बचें और जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें। घर के अंदर धूल और धुएं के स्रोतों को भी सीमित रखें।

Frequently Asked Questions

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