क्या आशीष बनर्जी को मिली थी धमकी?: CM शुभेंदु ने TMC नेता की मौत पर जताई आशंका; ममता बनर्जी ने क्या कहा?
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Indianewslive247.com – क य आश ष बनर ज क – पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस नेता आशीष बनर्जी रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मृत पाए गए। वरिष्ठ टीएमसी नेता आशीष बनर्जी की मौत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी कि क्या उन्हें किसी ने धमकी दी थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मैंने कुछ देर पहले उनके परिवार से बात की। वह एक अच्छे राजनेता थे। उनके विधानसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक उनसे मिलने गए और उनके पैर छुए। उनके पूरे परिवार ने बताया कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ उनके अच्छे संबंध थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।" कॉल रिकॉर्ड और सुसाइड नोट की होगी जांच: शुभेंदु अधिकारी सीएम अधिकारी ने कहा कि मामले में कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके हाथ से लिखे सुसाइड नोट की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट लेटरहेड पैड पर लिखा गया है और इसकी जांच की जाएगी कि उसमें क्या लिखा है और उसके पीछे क्या कारण था। उन्होंने कहा, "मेरे उनके साथ अच्छे संबंध थे और जब मैंने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उन्होंने मुझे संदेश भेजकर कहा था कि वह मुझसे मिलने आएंगे। मैंने उनके परिवार से पुलिस के साथ सहयोग करने को कहा है। टीएमसी के भ्रष्ट लोग उन्हें डराने की कोशिश कर सकते हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद उन्होंने एक समिति बनाई थी और आशीष बनर्जी ने तुरंत उससे इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा, "पुलिस निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। मैं भी उनके परिवार से मिलने जाऊंगा, क्योंकि उनके साथ मेरे अच्छे संबंध थे। आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं।" आशीष बनर्जी ने सुसाइड नोट में क्या लिखा? टीएमसी नेता आशीष बनर्जी का एक कथित सुसाइट नोट भी सामने आाया है। इसमें उन्होंने कहा, ''मेरा भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं था। फिर भी मुझे बदनाम करने के लिए ये सारे पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए गए। मैं छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ा रहा हूं। बर्दवान विश्वविद्यालय में छात्र संसद का महासचिव भी रहा। लेकिन मैंने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया। मैंने पूरी जिंदगी काम के बदले किसी से कोई पैसा नहीं लिया।'' उन्होंने लिखा, ''मेरे साथ काम करने वाले लोगों या मेरे संपर्क में रहने वाले लोगों से भी मैंने कभी कोई आर्थिक लाभ नहीं लिया। यहां तक कि मेरे जो लड़के मेरे साथ काम करते थे, उनसे मैंने एक मिठाई तक नहीं खाई। मैं कभी किसी आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़ा नहीं रहा। टीआरडीए की आम बैठक के अलावा मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं थी। मैं निविदा समिति में नहीं था। किसी चेक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार मेरे पास नहीं था। किसी योजना को मंजूरी देने या अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने में भी मेरी कोई भूमिका नहीं थी।'' उन्होंने लिखा, ''मेरे खिलाफ तरह-तरह की बातें की गईं और मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई। इन सब चीजों से मुझे लगा कि शायद राजनीति में आना ही मेरी गलती थी। मैं अपने लड़कों से भी कहना चाहता हूं कि वे राजनीति में न आएं। मैंने जीवनभर ईमानदारी से काम किया है और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहा हूं। मेरी मृत्यु के लिए किसी को जिम्मेदार न माना जाए।'' टीएमसी नेता की मौत पर ममता बनर्जी ने किस पर लगाए गंभीर आरोप? टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख जताया। ममता बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी ने अपने जीवन का अधिकांश समय समर्पण के साथ पढ़ाने और समाज की सेवा में बिताया। वह अपने सरल स्वभाव और रामपुरहाट तथा बीरभूम के लोगों के साथ करीबी संबंधों के लिए हमेशा जाने जाते थे। इस घटना को और पीड़ादायक बनाने वाली बात यह है कि अंतिम दिनों में आशीष बनर्जी ने जिस मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना किया, वह बहुत ज्यादा था। उन्होंने कहा कि पांच बार विधायक रहे, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और चेयरमैन आशीष बनर्जी ने रामपुरहाट के विकास के लिए खुद को समर्पित कर दिया था। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण काम किए। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनके किए गए कामों के बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव में रखा गया। ममता बनर्जी ने कहा, "लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सेवा देने के बावजूद आशीष बनर्जी को जिस तरह की प्रताड़ना और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, उससे हम सभी को लगातार बढ़ती राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत पर रुककर विचार करना चाहिए। उनके परिवार, प्रियजनों, पूर्व छात्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक प्रार्थना और संवेदनाएं। उनकी कमी हमेशा गहराई से महसूस की जाएगी।"
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