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आबकारी नीति मामला: केजरीवाल-सिसोदिया ने की CBI की याचिका खारिज करने की मांग, हाईकोर्ट में दोनों ने उठाई आपत्ति

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Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. आबकारी नीति मामले: केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI याचिका खारिज की मांग
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

आबकारी नीति मामले: केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI याचिका खारिज की मांग

Indianewslive247.com – आबक र न त म मल – दिल्ली हाईकोर्ट में आबकारी नीति मामले की सुनवाई के दौरान आर्यवाल और सिसोदिया ने सीबीआई की रिवीजन याचिका को खारिज करने की अपील की है। दोनों नेताओं ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा है कि यह याचिका जल्दबाजी में दायर की गई है और इसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई विशेष अवैधता का उल्लेख नहीं किया गया है।

सीबीआई की याचिका पर उठाए गए प्रश्न

सिसोदिया ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया कि सीबीआई की यह व्यापक याचिका प्रत्येक आरोपी के मामले में यह नहीं बताती कि डिस्चार्ज ऑर्डर किस आधार पर बिना सबूत के दिया गया। उन्होंने कहा कि याचिका में यह भी नहीं स्पष्ट किया गया कि कौन सा महत्वपूर्ण सबूत नजरअंदाज किया गया या किस पैराग्राफ में किस आरोपी के लिए न्यायिक विवेक का मनमाना प्रयोग हुआ।

सीबीआई ने डिस्चार्ज ऑर्डर में विकृति दिखाने के लिए कोई सबूत, सामग्री या दस्तावेज भी पेश नहीं किए हैं।

एक प्रमुख तर्क यह भी दिया गया है कि सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय के केवल चार घंटे के भीतर ही रिवीजन याचिका दायर कर दी। इस जल्दबाजी को दोनों नेताओं ने याचिका की कमजोरी के रूप में प्रस्तुत किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

बता दें कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित कुल 23 आरोपियों को आबकारी नीति मामले से डिस्चार्ज कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती दी थी। मामला पहले न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा के समक्ष आया था, जिन्होंने नोटिस जारी करते हुए ट्रायल कोर्ट के कुछ निर्देशों पर रोक लगाई थी।

बाद में आरोपियों द्वारा न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाए गए थे। अब ये आवेदन 18 अगस्त को न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष सुनवाई के लिए आने की संभावना है।

आबकारी नीति मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

आबकारी नीति मामले में दिल्ली सरकार द्वारा 2021-22 में लागू की गई नई नीति के तहत शराब की खरीद और बिक्री में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य नेताओं सहित कुल 23 लोग आरोपी हैं। सीबीआई द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया था कि नीति के तहत शराब की खरीद में अनियमितताएं हुईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने विशेष जांच टीम गठित की थी। जांच में पाया गया कि कई शराब की दुकानों को अनुचित लाभ मिला। ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज ऑर्डर के बाद सीबीआई ने तुरंत रिवीजन याचिका दायर की थी, जिस पर अब हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया पर क्या आरोप हैं? दोनों नेताओं पर शराब नीति में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप हैं। उन्हें डिस्चार्ज ऑर्डर के बाद सीबीआई की याचिका पर हाईकोर्ट में आपत्ति उठाई है।

सीबीआई ने डिस्चार्ज ऑर्डर के कितने समय बाद याचिका दायर की? सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज ऑर्डर के केवल चार घंटे के भीतर रिवीजन याचिका दायर की थी, जिसे दोनों नेताओं ने जल्दबाजी बताया है।

मामले की सुनवाई कब होगी? आवेदन 18 अगस्त को न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष सुनवाई के लिए आने की संभावना है।

कुल कितने लोग इस मामले में आरोपी हैं? 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित कुल 23 आरोपियों को डिस्चार्ज किया था।

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Frequently Asked Questions

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