15 अगस्त और पतंगबाजी: दिल्ली में चीनी मांझे का कोड नाम धागा 101 और 555, गोरखधंधे ने भरी गुपचुप उड़ान
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15 अगस त और पत गब: चीनी मांझे की कोड वर्ड बिक्री
Indianewslive247.com – 15 अगस त और पत गब के मौके पर दिल्ली में पतंगबाजी का माहौल फिर से गर्म हो गया है। लेकिन इसी उत्साह के बीच प्रतिबंधित चीनी मांझे की छुपकर बिक्री ने चिंताएं जताई हैं। प्रशासन की नजरों से बचने के लिए दुकानदार अब इसे सीधे ‘चीनी मांझा’ कहने के बजाय अलग-अलग कोड वर्ड्स से बेच रहे हैं। कहीं इसे ‘धागा 101’ कहते हैं तो कहीं ‘धागा 555’ के नाम से पहचाना जाता है।
मांझे अब दुकानों के काउंटर पर खुलेआम नहीं दिखता। ग्राहकों से पहले ऑर्डर लिया जाता है और फिर तय जगह पर इसे पहुंचाने की व्यवस्था होती है। पुरानी दिल्ली के लाल कुआं बाजार में इस गुपचुप बिक्री की खबर सामने आई है। एक चरखी के लिए यहाँ कीमत 1000 से 1500 रुपये तक बताई जा रही है, जो सामान्य पतंग के मांझे से काफी अधिक है। दुकानदार इसे सादे कागज में लपेटकर रखते हैं ताकि बाहर से पहचान न हो सके।
पुलिस का ‘कुचु पुचु’ संदेश और सोशल मीडिया ट्रेंड
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुचु पुचु ट्रेंड को सुरक्षा संदेश से जोड़ते हुए लोगों से प्रतिबंधित चीनी मांझे से दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने पोस्ट में लिखा कि डियर कुचु पुचु, पतंग उड़ाओ लेकिन चाइनीज मांझे को न कहो।
पुलिस का संदेश साफ है कि पतंग उड़ाना मनोरंजन का हिस्सा है, लेकिन धारदार सिंथेटिक मांझा लोगों, पक्षियों और जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर पुलिस के इस अंदाज को लेकर लोगों ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रियाएं भी दीं। कुछ यूजर्स ने इसे दिल्ली पुलिस का जेन-जी अंदाज बताया, जबकि कुछ ने कहा कि पुलिस समय के साथ अपनी संवाद शैली बदल रही है।
1,518 रील जब्त, छह लोगों की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित चीनी और मेटैलिक-कोटेड मांझे के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। अपराध शाखा और मध्य जिला पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में कुल 1,518 रील को जब्त किया है और इस सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पश्चिमी दिल्ली में अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए राजेश, आसद और सोहेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से प्रतिबंधित मांझे की 1,398 रील बरामद की हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि पूर्व सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और मंगलवार रात दो बजे ख्याला-पश्चिम विहार नाले की ओर से रघुबीर नगर की तरफ आती हुई एक कार दिखाई दी।
कार को रोककर उसमें सवार तीनों लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान वाहन से कई प्लास्टिक बैग और गत्ते के डिब्बे मिले, जिनमें प्रतिबंधित मांझा था। मध्य जिला पुलिस ने तीन दुकानदारों को गिरफ्तार कर प्रतिबंधित मांझे की 120 रील जब्त की हैं। मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एएटीएस टीम को लाल दरवाजा, पुरानी दिल्ली, हौजकाजी इलाके में चीनी मांझे को बेचने की खबर मिली।
टीम ने सिरकी वालान, हौजकाजी से मोहम्मद अनस को पकड़ा। दूसरी कार्रवाई में पहाड़गंज की गली डोर वाली से हरिराम गली निवासी दीपक को पकड़ा। दरियागंज से अमीर आजम को पकड़ा।
पतंग कारोबारियों में नाराजगी
प्रतिबंधित मांझे की बिक्री से सामान्य पतंग कारोबारियों में भी नाराजगी है। लाल कुआं के कुछ दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोग अधिक कमाई के लिए चोरी-छिपे प्रतिबंधित मांझा बेचते हैं। इससे उन कारोबारियों की भी बदनामी होती है जो नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित मांझा बेच रहे हैं।
पतंग कारोबारी महेश के मुताबिक, पतंग उड़ाना दिल्ली की पुरानी परंपरा और मनोरंजन का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए किसी की जान खतरे में डालना सही नहीं है। वहीं, दुकानदार निलेश ने कहा कि पुलिस को प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
15 अगस त और पत गब पर चीनी मांझे की क्या कीमत है? लाल कुआं बाजार में एक चरखी के लिए चीनी मांझे की कीमत 1000 से 1500 रुपये तक बताई जा रही है।
पुलिस ने कितनी रील जब्त कीं? दिल्ली पुलिस ने कुल 1,518 रील जब्त की हैं और छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
कोड वर्ड्स क्या हैं? दुकानदार चीनी मांझे को ‘धागा 101’ और ‘धागा 555’ जैसे कोड वर्ड्स से बेच रहे हैं ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें।
क्या खरीदने वालों पर भी कार्रवाई होगी? दुकानदारों का कहना है कि प्रतिबंधित मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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