Dharmendra Pradhan: ‘मैं किसान का बेटा, वापस आऊंगा’, इस्तीफे के 15 दिन बाद शिक्षा मंत्री; जेन-जी पर क्या बोले?
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश
Indianewslive247.com – केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शनिवार को इस्तीफे के बाद पहली बार मीडिया से बात की। भुवनेश्वर स्थित जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों से मिलते हुए Dharmendra Pradhan ने स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों ने जेन-जी को भ्रमित करने का प्रयास किया। इसी घटनाक्रम के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर मंत्रिपरिषद से हटने की पेशकश की थी।
Dharmendra Pradhan ने यह भी बताया कि जेन-जी उनके बच्चों जैसे हैं और उन्हें कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा, “भारत में हर वर्ष कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले दस साल में 20 करोड़ नए चेहरे इस दुनिया में आए हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि इन बच्चों के अपने सपने हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाने में योगदान देंगे।
किसान का बेटा हूं, वापस आऊंगा
रायराखोल में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में Dharmendra Pradhan ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजद के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए “वापस जाओ” के नारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। हवाईअड्डे के पास बीजद की युवा और छात्र इकाइयों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। अगर मुझे वापस जाने के लिए कहा जाए, तो भी मैं वापस आऊंगा।”
प्रधान ने नवीन पटनायक के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजद अध्यक्ष उन्हें ओडिशा की जनता के लिए शर्म की बात और खराब व्यक्ति बताते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन में शामिल कर रहे हैं। सभा में मौजूद लोगों से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा काम किया है जिससे ओडिशा की जनता को शर्मिंदा होना पड़े, तो सभी ने “नहीं” में जवाब दिया।
भगवान जगन्नाथ और देवी समलेश्वरी का आशीर्वाद
Dharmendra Pradhan ने बताया कि 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की अधिष्ठात्री देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से वे केंद्रीय मंत्री बने थे। इसी मंच पर बीजद विधायक और ओडिशा विधानसभा के उपनेता प्रसन्न आचार्य भी उपस्थित थे। प्रधान ने कहा कि बीजद के विरोध को देखते हुए उन्होंने प्रसन्न आचार्य से सलाह ली थी कि कार्यक्रम में जाना चाहिए या नहीं। प्रसन्न आचार्य ने उन्हें आने के लिए कहा और स्वागत का भरोसा दिया। इसके बाद वे उनकी अनुमति लेकर कार्यक्रम में पहुंचे।
प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्रालय से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि उनके लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं था और वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया? उत्तर: धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश के बाद इस्तीफा दिया था।
प्रश्न: धर्मेंद्र प्रधान कब इस्तीफा दे गए? उत्तर: धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
प्रश्न: धर्मेंद्र प्रधान वापस आ सकते हैं? उत्तर: हाँ, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि वे किसान का बेटा हैं और अगर कहा जाए तो वापस आ जाएंगे।
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