India News

DGCA: भारत में 11 नए FTO से मिलेगा पायलट प्रशिक्षण; क्या ट्रेनर विमान और सीप्लेन निर्माण का हब बनेगा देश?

Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. DGCA: 11 नए एफटीओ से पायलट प्रशिक्षण बढ़ेगा
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

DGCA: 11 नए एफटीओ से पायलट प्रशिक्षण बढ़ेगा

Indianewslive247.com – DGCA ने भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) को आशय पत्र सौंपे हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस अवसर पर बताया कि DGCA की यह पहल ट्रेनर विमान और सीप्लेन निर्माण को मजबूत करने की दिशा में है। DGCA के सहयोग से नागरिक उड्डयन मंत्रालय एफटीओ के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने पर काम कर रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में DGCA ने 11 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन को आशय पत्र प्रदान किए। ये नए एफटीओ भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के सात हवाई अड्डों पर अपने प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे। वर्तमान में भारत में कुल 41 एफटीओ के 63 प्रशिक्षण केंद्र कार्यरत हैं। DGCA के आंकड़ों के अनुसार यह संख्या जल्द ही बढ़ने वाली है।

पायलट प्रशिक्षण क्षमता में होगी उल्लेखनीय वृद्धि

DGCA के आकड़ों के अनुसार, 11 नए एफटीओ के संचालन शुरू होने के बाद देश की वार्षिक पायलट प्रशिक्षण क्षमता में लगभग 750 कैडेट की वृद्धि की उम्मीद है। DGCA ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों के दौरान छह नए एफटीओ स्थापित किए गए हैं। इस अवधि में भारतीय एफटीओ के पास प्रशिक्षण विमानों की संख्या 324 से बढ़कर 385 हो गई है। इससे वार्षिक उड़ान घंटों में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सरकार का विजन “ट्रेन इन इंडिया, फ्लाई इन इंडिया” है।

कमर्शियल पायलट लाइसेंस में रिकॉर्ड वृद्धि

के. राममोहन नायडू ने बताया कि वर्ष 2024 में 1,347 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी किए गए थे। वहीं, 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,652 हो गई, जो DGCA के रिकॉर्ड में पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। DGCA ने कहा कि इस वर्ष इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भारतीय एयरलाइंस ने 1,640 विमानों का ऑर्डर दिया है। अगले पांच वर्षों में करीब 500 विमान उनके बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। इस बढ़ते विस्तार को देखते हुए प्रशिक्षित विमानन पेशेवरों की मजबूत घरेलू व्यवस्था जरूरी है।

2035 तक 25 हजार अतिरिक्त पायलटों की जरूरत

नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2035 तक देश को 25,000 अतिरिक्त पायलटों की आवश्यकता होगी। DGCA के अनुसार इसके लिए हर साल लगभग 2,500 कमर्शियल पायलट लाइसेंस जारी करने होंगे। DGCA ने भारतीय विमानन क्षेत्र के मौजूदा दौर को स्वर्णिम चरण बताते हुए कहा कि देश में पूर्ण विमानन इकोसिस्टम विकसित करने के लिए कई पहल की जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एफटीओ आईएफआर स्लॉट बुकिंग एप भी लॉन्च किया।

DGCA से जुड़ी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DGCA के नए एफटीओ क्या हैं? DGCA ने 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन को आशय पत्र सौंपे हैं जो भारत में पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाएंगे।

DGCA के नए एफटीओ कहाँ स्थापित होंगे? ये एफटीओ एएआई के सात हवाई अड्डों पर अपने प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे।

DGCA के अनुसार 2035 तक कितने पायलटों की जरूरत है? DGCA के अनुसार 2035 तक देश को 25,000 अतिरिक्त पायलटों की आवश्यकता होगी।

DGCA ने कितने सीपीएल 2025 में जारी किए? DGCA के आंकड़ों के अनुसार 2025 में 1,652 कमर्शियल पायलट लाइसेंस जारी किए गए।

Frequently Asked Questions

What is DGCA?

DGCA is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does DGCA matter?

DGCA matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.

Leave a Comment