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डीपफेक और बाल शोषण पर घिरा मेटा: जुकरबर्ग ने सरकार से मांगी माफी; क्या छिन गया सेफ हार्बर का सुरक्षा कवच?

Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. मेटा पर माफी: डीपफेक और बाल शोषण मामले में जुकरबर्ग का कदम
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

मेटा पर माफी: डीपफेक और बाल शोषण मामले में जुकरबर्ग का कदम

Indianewslive247.com – ड पफ क और ब ल श – भारत सरकार के कड़े रुख के बीच मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है। यह कदम तब उठाया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट फेसबुक से हटाई गई और प्लेटफॉर्म में कई तकनीकी खामियां सामने आईं। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी सचिव एस. कृष्णन से हुई मुलाकात में मेटा की ग्लोबल टीम ने बाल शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और संचालन संबंधी गलतियों पर खेद व्यक्त किया।

PM मोदी की पोस्ट विवाद: तकनीकी गड़बड़ी या जानबूझकर?

यह संपूर्ण मामला तब शुरू हुआ जब फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेल्फी वीडियो को सीमित कर दिया गया। इस वीडियो में उन्होंने पेपर लीक मामलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था। मेटा ने इसे अपनी एआई-संचालित ऑटोमेटेड कंटेंट फिल्टर की तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए पोस्ट बहाल कर दी थी। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इस सफाई को अपर्याप्त मानते हुए मेटा के वैश्विक अधिकारियों को समन भेजा था।

संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने इस मामले में मेटा से कड़ी नाराजगी जताई थी। समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने कहा था कि यदि यह तकनीकी गलती थी तो यह बेहद गंभीर है और यदि जानबूझकर किया गया तो यह प्रधानमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास माना जाएगा। उन्होंने कहा था कि मार्क जुकरबर्ग को व्यक्तिगत रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो मेटा का ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है।

सेफ हार्बर सुरक्षा कवच खतरे में

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा की ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल काप्ला समेत उच्चस्तरीय टीम को स्पष्ट कर दिया गया है कि वे ‘इंटरमीडियरी’ (मध्यस्थ) की परिभाषा में नहीं आते हैं। चूंकि प्लेटफॉर्म यह तय करता है कि उपयोगकर्ता को कौन सा कंटेंट दिखेगा, इसलिए आईटी अधिनियम के तहत मिलने वाला ‘सेफ हार्बर’ (कानूनी सुरक्षा कवच) उन पर लागू नहीं होता। सरकार ने साफ किया है कि यह केवल एक तकनीकी चूक का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है।

बाल शोषण और डीपफेक पर मेटा की जांच

बाल शोषण और डीपफेक पर घिरी कंपनी इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों में बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार डीपफेक सामग्री को लेकर भी मेटा जांच के दायरे में है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक टेक कंपनी होने के नाते मेटा के पास इन समस्याओं को रोकने के लिए पुख्ता तकनीक होनी चाहिए। सरकार ने एल्गोरिदम में पक्षपात और प्रमुख हस्तियों के खातों की सुरक्षा को लेकर सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

संसदीय समिति ने पूछे कई सवाल

संसदीय समिति ने सोशल मीडिया कंपनियों से क्या सवाल पूछे? समिति की बैठक में मेटा के अलावा एक्स, गूगल और यूट्यूब सहित कई सोशल मीडिया कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे। सांसदों ने एल्गोरिदम की पारदर्शिता, बाल यौन शोषण सामग्री, डीपफेक, साइबर ठगी, महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न और गैरकानूनी सामग्री पर भी सवाल उठाए। समिति का कहना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपने नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए और आपत्तिजनक सामग्री पर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

यह मामला केवल तकनीकी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह भारतीय डिजिटल कानूनों के पालन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: मेटा को सेफ हार्बर संरक्षण क्यों खो सकता है? उत्तर: क्योंकि मेटा अब ‘इंटरमीडियरी’ की परिभाषा में नहीं आता। यह प्लेटफॉर्म यह तय करता है कि उपयोगकर्ता को कौन सा कंटेंट दिखेगा, इसलिए आईटी अधिनियम के तहत मिलने वाला कानूनी सुरक्षा कवच उन पर लागू नहीं होता।

प्रश्न: PM मोदी की पोस्ट क्यों हटाई गई थी? उत्तर: फेसबुक की एआई-संचालित ऑटोमेटेड कंटेंट फिल्टर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेल्फी वीडियो को सीमित कर दिया गया था।

प्रश्न: डीपफेक और बाल शोषण सामग्री पर मेटा पर क्या कार्रवाई हो सकती है? उत्तर: सरकार ने एल्गोरिदम में पक्षपात और प्रमुख हस्तियों के खातों की सुरक्षा को लेकर सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यदि मेटा अनुपालन नहीं करता तो सेफ हार्बर संरक्षण वापस लिया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

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