अस्मिता डे ने जीता गोल्ड, योगी जी को दिया शुक्रिया
Indianewslive247.com – Asmita Dey ने 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय जूडो के लिए एक नया इतिहास रच दिया। महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वाच को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। गुरुवार को हुए इस कड़े खिताबी मुकाबले में अस्मिता डे ने शानदार और संयमित प्रदर्शन दिखाया। पूरे टूर्नामेंट में अस्मिता डे का दबदबा स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
भूखे पेट खेलीं, गोल्ड जीतीं
खिताबी मुकाबले से पहले अस्मिता डे ने रैंडम वेट-इन के दौरान एक बड़ी चुनौती झेली। अस्मिता डे ने बताया कि सुबह उठते समय उनका वजन 50 किलोग्राम 300 ग्राम था, जो 50 किलोग्राम की सीमा से अधिक था। इसीलिए अस्मिता डे ने कुछ नहीं खाया। जब उनका नाम रैंडम वेट-इन के लिए आया, तब जाकर उन्होंने औपचारिकता पूरी की। उसके बाद एक घंटे में ही अस्मिता डे की फाइट शुरू हुई।
मैच के महत्वपूर्ण पलों में अस्मिता डे ने खुद को शांत रखा। बेहतरीन रणनीति के साथ अस्मिता डे ने मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया और जीत सुनिश्चित की।
योगी जी का विशेष आभार
जीत के बाद अस्मिता डे ने अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। अस्मिता डे ने कहा:
मैं इस गोल्ड मेडल से बहुत खुश हूं। यह उन सभी के लिए है जिन्होंने मेरा समर्थन किया। मैं योगी जी को भी धन्यवाद देना चाहती हूं क्योंकि उन्होंने मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी।
अस्मिता डे ने अपनी मानसिकता के बारे में बताया कि वे 48 किलोग्राम वर्ग में सर्वश्रेष्ठ होने का विश्वास रखती थीं। अस्मिता डे ने कहा कि वे अपने देश, खुद के लिए, अपने कोच, माता-पिता और रिश्तेदारों के लिए हर हाल में स्वर्ण जीतना चाहती थीं।
अस्मिता डे को यूपी पुलिस में नौकरी मिलने से उनके परिवार को जो आर्थिक मदद मिली, उसी वजह से अस्मिता डे यहां आकर गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं।
इस स्वर्णिम जीत ने ग्लासगो में भारत के पदकों की संख्या में इज़ाफा किया है। अस्मिता डे की यह उपलब्धि राष्ट्रमंडल स्तर पर जूडो में देश के निरंतर सुधार को रेखांकित करती है। अस्मिता डे की यह सफलता भारतीय जूडो की वैश्विक प्रगति का प्रमाण है और आने वाली पीढ़ी के एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

