भारत ने ईरान और यूक्रेन से नाविक सुरक्षा पर चर्चा की
Indianewslive247.com – भ रत य न व क क – पश्चिम एशिया और काला सागर में चल रहे संघर्ष के बीच भारत ने व्यापारिक जहाजों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अपनी स्थिति और सख्त कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से शुक्रवार को टेलीफोनिक बातचीत में यह स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले नहीं होने चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा करता है। साथ ही, क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर भारत की गहरी चिंता भी व्यक्त की गई।
ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत में क्या कहा गया?
एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी टिप्पणी में बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने उन्हें वर्तमान घटनाक्रम और चल रही चर्चाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन करता रहा है।
मौजूदा हालात में यह बेहद जरूरी है कि व्यापारिक जहाजों और नाविकों को किसी भी तरह के हमले से बचाया जाए।
जयशंकर ने अराघची से यह भी कहा कि भारत ऐसे सभी हमलों की बिना किसी शर्त निंदा करता है और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संवाद का समर्थन करता है।
यूक्रेन से एक दिन पहले हुई बातचीत
ईरान से बातचीत से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने काला सागर में व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया।
किसी भी पक्ष की ओर से व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर किए गए हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत ऐसे सभी हमलों की स्पष्ट शब्दों में निंदा करता है। बातचीत के दौरान काला सागर की स्थिति, यूक्रेन संघर्ष और शांति प्रयासों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है।
काला सागर में हुए हमले में भारतीय नाविकों की मौत
हाल ही में काला सागर में एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। एमवी ओमोरफी नामक व्यापारी जहाज पर यूक्रेनी ड्रोन हमले की खबर सामने आई थी।
रूस और यूक्रेन के बीच हाल के हमलों में अब तक पांच भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य भारतीय नाविक अब भी लापता बताए गए हैं। इस घटना के बाद भारत लगातार दोनों पक्षों के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा रहा है।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंत्रिमंडलीय सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में संघर्ष वाले क्षेत्रों में भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम कर रहे नाविकों की सुरक्षा की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रियों को निर्देश दिया कि ऐसा तंत्र तैयार किया जाए, जिससे नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। सरकार का उद्देश्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें हर संभव सहायता देना है।

