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क्या कार्रवाई की तैयारी में सरकार?: प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका-राहुल के बयान से हंगामा, कांग्रेस-NDA आमने-सामने

Foto : David Taylor - indianewslive247.com

सरकार क्या कार्रवाई करेगी? प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस के बयान से हंगामा

Indianewslive247.com – क य क र रव ई क – लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर बहस के दौरान एक नया विवाद खड़ा हुआ। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर जोरदार टिप्पणी की। इस बयान के बाद एनडीए सांसदों ने तुरंत विरोध दर्ज कराया। सवाल यह उठा कि सरकार क्या कार्रवाई की तैयारी में है?

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस टिप्पणी को चरित्र हनन बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि इस बयान को लोकसभा की कार्यवाही से हटाया जाए। केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी, किरेन रिजिजू और पीयूष गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद सभी मंत्रियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी बातचीत की। इन मुलाकातों के परिणामस्वरूप प्रियंका गांधी के बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

प्रियंका गांधी का क्या था बयान?

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति दी थी। इस पर स्पीकर ने उन्हें टोका और सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया।

प्रियंका गांधी ने जो कहा, हमारे नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की, वह चरित्र हनन है एक तरीके से। हम उम्मीद नहीं करते ऐसी बातों की। इसे रिकॉर्ड से हटाया जाए। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर संसद में डिबेट के स्तर को ना गिराएं। जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। अगर आप ऑथेंटिकेट नहीं कर सकती हैं तो माफी मांगनी चाहिए।

इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि वो इसका प्रमाण उपलब्ध कर देंगी।

राहुल गांधी का भी समान बयान

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी नए शिक्षा मंत्री को लेकर ऐसा ही बयान दिया था। राहुल गांधी ने नए शिक्षा मंत्री को लेकर प्रधानमंत्री के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में कई लोग थे, लेकिन पीएम ने ऐसे व्यक्ति को चुना, जो दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करने वाला है। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति गलत संदेश देती है।

शिक्षा प्रणाली पर प्रियंका की गहरी आलोचना

संसद में प्रियंका गांधी ने शिक्षा प्रणाली पर भी व्यापक आलोचना की। उन्होंने कहा, “इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टरों को लगातार कमजोर किया है। पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। शिक्षण संस्थानों में संघ के प्रचारकों को भर-भरकर नियुक्त किया गया और संस्थाओं को खोखला बना दिया गया। एनटीए बनाकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण कर दिया गया। हर साल शिक्षा बजट की हिस्सेदारी घटती चली गई। शिक्षा बजट उससे भी कम है, जितना पूंजीपतियों के लोन माफ किए गए हैं। सोचिए, सरकार की प्राथमिकता क्या है।”

देश के युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से टूट चुका है। भरोसा दोबारा बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। इसके लिए सिस्टम के दायरे से बाहर निकलकर ठोस प्रयास करने पड़ते हैं।

धर्मेंद्र प्रधान पर भी साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और उनके साथी क्या सोच रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया और संसद में उनका ऐसा स्वागत किया गया, जैसे कोई सुपरस्टार आया हो। कल जब उन्हें मुकुट पहनाया जा रहा था, उसी समय महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी की आत्महत्या का मातम मना रहा था। जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत किया जा रहा है। ऐसे में कोई आप पर कैसे यकीन करे।”

माना जा रहा है कि एनडीए सांसद इसे बयान को लेकर कांग्रेस को घेरने की योजना बना सकती है। सवाल यह है कि क्या कार्रवाई की तैयारी में सरकार?

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