प्रकृति का कहर: बाढ़-भूस्खलन की विभीषिका झेल रहे देश के कई राज्य, असम में 11; नगालैंड में 9 की मौत, अलर्ट जारी
नगालैंड में बाढ़ और भूस्खलन के बाद नौ लोगों के निधन
Indianewslive247.com – प रक त क कहर – नगालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की वजह से मृत्यु के मामले बढ़कर नौ हो गए हैं। मंगलवार को पांच और शव बरामद किए गए। राज्य की रिपोर्ट के अनुसार, चार लोग अब भी गायब हैं और उनकी खोज जारी रही है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण जारी रहने के कारण नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।
“सर्वेक्षण पूरा होने के साथ नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है,” अधिकारियों ने कहा।
असम में बाढ़ के असर और प्रभावित क्षेत्र
आपदा के कारण बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं पर भारी असर पड़ा। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए) की जिला-वार रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कम से कम 7,460 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ भूस्खलन के कारण नुकसान के आंकड़े बढ़ते रहे।
मोन जिले में भूस्खलन की घटनाओं में नौ लोगों के निधन हो गए। इनमें मोन टाउन के शांतम वार्ड में पांच लोगों के शव मिले। नागिनीमोरा में अचानक आई बाढ़ में चार लोग बह गए, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें एक व्यक्ति को फ्रैक्चर हुआ है, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
पशुधन पर भी भारी असर
आपदा का असर पशुधन पर भी पड़ा। कई जिलों में कम से कम 83 पशुओं के निधन हो गए। इनमें 15 मिथुन, 13 मवेशी और 53 सूअर शामिल हैं। शामाटोर जिले में सबसे अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यहां छह गांवों के करीब 7,000 लोग व्यापक भूस्खलन से प्रभावित हैं।
तुएनसांग जिले के 12 गांवों में 201 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि जुनहेबोटो जिले के करीब 30 गांवों में भूस्खलन की चपेट में आए हैं। यहां 26 लोग आपदा से ग्रस्त हैं।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ आपदा के नतीजे
जम्मू-कश्मीर राज्य में बारिश के कारण जम्मू संभाग में कम से कम 11 लोगों के निधन हो गए। मृतकों में एक महिला और उसके दो बच्चे भी शामिल हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।
पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित रहे। हालांकि मौसम में कुछ सुधार होने पर अभियान तेज किया गया, लेकिन देर शाम तक �

