ट्रंप की खुली धमकी: कहा- ईरान को अमेरिकी सैनिकों के बलिदान की बड़ी कीमत चुकाएगा
Indianewslive247.com – ट र प क ख ल धमक – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ तीखी चेतावनी दी है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की बलिदानों की कीमत अब ईरान के लिए भारी हो जाएगी। उन्होंने इस बारे में अपने रक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए हैं।
अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के ठिकानों पर नौवीं रात बमबारी करने की घोषणा की। यह हमला जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने लक्ष्यों पर जारी रखा गया है।
ट्रंप ने लिखा कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, उसे कई गुना भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ताजा हमलों ने शांति की उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया है। ईरान के तबरीज़, चाबहार, कोनारक, बंदर महशहर और बंदर इमाम खमेनी शहरों में बड़े धमाके हुए हैं। तबरीज में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
अज्ञात हमले और नागरिक लक्ष्यों पर आग
ओमान के तट पर एक अज्ञात मिसाइल हमले के बाद एक जहाज समुद्र में फंस गया। इसके अलावा, कुवैत ने एक वाटर डिसेलिनेशन प्लांट पर दूसरे दिन हमले की पुष्टि की, जिससे भारी आग लग गई। खाड़ी देशों के लिए इन प्लांटों अहम हैं, क्योंकि वे पीने के पानी की आपूर्ति करते हैं।
जॉर्डन के अकाबा हवाई अड्डे, कुवैत के अल-अदिरी कैंप और अली अल सालेम एयर बेस पर ईरान की आईआरजीसी ने मिसाइल दागी हैं। जॉर्डन में मारे गए दो सैनिकों की पहचान 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस और 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान के रूप में हुई है। एक अन्य सैनिक अभी भी लापता है।
एक अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच बातचीत के दरवाजे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि देश शांति के प्रस्तावों के लिए तैयार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर खतरा बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने माना कि उन्हें शांति के प्रस्ताव मिले हैं।
इस तनाव के बीच, युद्ध अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया। ईरान और अमेरिका एक-दूसरे के नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे हैं। अब लाखों लोगों के सामने पानी के संकट खड़ा हो सकता है।

