त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ के आत्महत्या के शक में शव मिला, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से आए थे
Indianewslive247.com – त्रिपुरा के राज्य पुलिस मुख्यालय में सोमवार को अनुराग धनखड़ के शव के पाये जाने के बाद तत्काल जांच शुरू कर दी गई। उनका शव फंदे से लटका मिला, जिसके बाद गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। चिकित्सकों ने दोपहर 12:48 बजे उनकी मौत घोषित कर दी, जिसके बाद अधिकारियों ने त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय के परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
आत्महत्या की आशंका और अधिकारियों के रिपोर्ट
मौत के कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन त्रिपुरा के पुलिस अधिकारियों की ओर से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान त्रिपुरा के परिसर में सभी घटनाओं की गहरी जांच शुरू कर दी है, जिसमें फोरेंसिक जांच भी शामिल है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा और त्रिपुरा के पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। विशेषज्ञों के बाद जीबीपी अस्पताल भी जा चुके हैं, जहां अधिकारियों ने त्रिपुरा के परिसर को लगातार सुरक्षा घेरे में ले रखा है।
अनुराग धनखड़ के करियर और दायित्व
अनुराग धनखड़ त्रिपुरा के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी थे। उन्हें 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसके बाद उन्होंने त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक के पदभार संभाला। उनके तीन दशक से अधिक समय तक त्रिपुरा पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं हैं।
त्रिपुरा के राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यकाल में उन्होंने विशेष रूप से त्रिपुरा के प्रांतीय विषयों पर गहरी धारणा बनाई थी। अधिकारियों के अनुसार, उनकी त्रिपुरा में बड़ी संख्या में राज्य के विश्वास के बारे में चर्चा की जाती रही है। अब तक अनुराग धनखड़ की मौत के वास्तविक कारणों के बारे में त्रिपुरा के पुलिस वरिष्ठ अधिकारी जांच कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने त्रिपुरा में घटना की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया है। त्रिपुरा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने कहा,
“त्रिपुरा के डीजीपी के शव के मिले जाने के बाद जांच के लिए त्रिपुरा के सभी विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया है और अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।”

