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Kolkata: 136 साल पुरानी मस्जिद में नमाज पर रोक क्यों? सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताई वजह; जानें पूरा विवाद

कोलकाता हवाई अड्डा मस्जिद में प्रवेश रोक: सीएम शुभेंदु अधिकारी की व्याख्या

Kolkata – कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर स्थित गौरीपुर जामा मस्जिद में शनिवार से तीन दिन के लिए नमाज पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले का विरोध अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दीकउल्लाह चौधरी ने किया है, जिन्होंने दावा किया कि मस्जिद की उपस्थिति ने हवाई अड्डा के दोनों रनवे के पूर्ण उपयोग को रोक दिया है। इस मुद्दे पर बात करते हुए, कोलकाता के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए इस तरह के संवेदनशील कदम आवश्यक हैं।

कोलकाता हवाई अड्डा परिसर की सुरक्षा और राष्ट्रीय चिंता

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बयान में कहा कि कोलकाता हवाई अड्डा एक बेहद संवेदनशील स्थल है, जहां चीन और बांग्लादेश के सीमा क्षेत्र के करीब तक आवाजाही होती है। उन्होंने कहा कि इस सुरक्षा वाले परिसर में अतिरिक्त खतरा होने के कारण मस्जिद के प्रवेश और नमाज के लिए लगी रोक आवश्यक है। इस फैसले का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोलकाता हवाई अड्डा के दरवाजे खुले रहते हैं, तो देश की सुरक्षा के लिए कोई तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

मस्जिद कमेटी के विरोध और संवेदनशीलता का विवाद

मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष सिद्दीकउल्लाह चौधरी ने बताया कि इस 135 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को रोक लगाने के फैसले के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि हवाई अड्डा प्रशासन ने बिना सूचना दिए मस्जिद के प्रवेश और नमाज के लिए अतिरिक्त बाधा डाली है, जो कोलकाता के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा की ओर ध्यान आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि धर्म के बारे में आम व्यक्तिगत मुद्दा है और इसे दूसरों पर थोपने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि कोलकाता हवाई अड्डा के आसपास चीन और बांग्लादेश की सीमाएं हैं, जिसके कारण इस स्थान पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लेवल 3 क्षेत्र बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने दबाव बनाकर एक विशेष समुदाय के वोटों की बदौलत इस रोक लगाई है। अब नई सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी धीमी आवाज में विरोध दर्ज कराया है।

इस फैसले के बारे में बात करते हुए, विधायक सौरव सिकदर ने कहा कि कोलकाता हवाई अड्डा परिसर में मस्जिद की उपस्थिति के कारण रनवे के उपयोग में कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद में आने वाले लोगों के लिए बिना किसी वेरिफिकेशन के गेट खुले रहना एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा, हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार गौरीपुर मस्जिद में मरम्मत और नवीनीकरण कार्य चल रहे हैं, जिसके कारण नमाज के लिए तीन दिन के लिए रोक लगाई गई है।

बांकरा मस्जिद के विरोध में चौधरी ने कहा कि इस संवेदनशील स्थल के बारे में कोलकाता सरकार ने उचित विचार नहीं किए हैं। वे कहते हैं कि नमाज के लिए लगी रोक भारत के सुरक्षा नियमों के खिलाफ है, जो धर्म के बारे में समान अधिकार देते हैं। इस मुद्दे पर �

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