रफाएल भारत में आयरन डोम इंटरसेप्टर के उत्पादन में लगे
Rafael In India – रफाएल इंडिया के लिए वायु रक्षा सिस्टम के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत ने अपने रक्षा निर्माण के लिए आईएएनएस के रिपोर्ट के अनुसार रफाएल के साथ आयरन डोम इंटरसेप्टर के उत्पादन की बातचीत शुरू कर दी है। इस योजना के तहत, देश घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी सहयोग प्राप्त कर रहा है।
रफाएल इंडिया के लिए आयरन डोम के उत्पादन की संभावनाएं
रफाएल इंडिया के रक्षा उद्योग में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए आयरन डोम इंटरसेप्टर के उत्पादन में लगे हैं। इसके लिए निर्माण सुविधाएं बनाई जा रही हैं, जो भारत के लिए घरेलू वायु रक्षा नेटवर्क को आगे बढ़ाएंगी। आईएएनएस के अनुसार, इस योजना के तहत भारत में इंटरसेप्टर के निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रफाएल इंडिया के उत्पादन विस्तार के साथ, नए सिस्टम की लागत कम करने और देश के रक्षा तंत्र के लिए बैकअप प्रदान करने के लिए अमेरिका के रेथियॉन सहयोग के माध्यम से एक मिसाइल उत्पादन लाइन का विकास भी शुरू कर दिया गया है। इससे भारत अपने सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करने में अधिक दक्षता प्राप्त कर सकेगा।
आयरन डोम के वैश्विक उपयोग के प्रभाव
ईरान द्वारा रॉकेट और यूएवी के प्रक्षेपण के दौरान आयरन डोम के उपयोग ने रफाएल इंडिया की राजनीतिक उम्मीदों को बढ़ा दिया है। इस कार्य के दौरान अमीरात में तैनात आयरन डोम बैटरी ने सफलतापूर्वक विश्वव्यापी खतरों को समाप्त किया है।
दुनिया भर में वायु रक्षा तकनीक की मांग बढ़ रही है, और रफाएल इंडिया के लिए इस बैटरी के उत्पादन की घोषणा एक नया प्रेरणा स्रोत बन सकती है।
रफाएल इंडिया के घटक उत्पादन के लिए भारत में एल्बिट के सहयोग से हर्मेस 900 ड्रोन (वायु सेना में ‘स्टार’ के नाम से जाने वाला) और हर्मेस 450 (जिक के नाम से जाने वाला) का निर्माण भी हो रहा है। इससे रक्षा उद्योग के भारत में विस्तार को और भी मजबूत करने की संभावना है।
हाल में रिपोर्ट में बताया गया था कि एक इस्राइली आयरन डोम बैटरी अमीरात में तैनात की गई थी। इस बैटरी ने ईरान द्वारा लॉन्च किए गए रॉकेट, मिसाइलों और यूएवी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रफाएल इंडिया के लिए इस तकनीक के विकास ने घरेलू उत्पादन के लिए एक नया आधार तैयार कर दिया है।
