ममता के लिए एक और झटका: पूर्व मंत्री जेपी मल्लिक ने TMC से इस्तीफा दे दिया
ममत क एक और झटक – ममता के एक और झटक के रूप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने शुक्रवार को तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल के बाद तेजी से अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपनी बेहद खराब सेहत के कारण वह तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद इस निर्णय के बारे में अगले चरण में पार्टी के नेतृत्व से अवगत करा लिया गया था।
ममता के सबसे विश्वसनीय साथी रहे थे
मल्लिक के इस्तीफे के साथ तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति में एक नया झटका आ गया। उन्होंने 2011 से 2021 तक राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया और ममता बनर्जी के साथ एक दशक तक गहरी संबंध रखे। उन्हें तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल में अहम जिम्मा दिया गया था।
“मैंने अपनी बेहद खराब सेहत के कारण तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।”
ममता के लिए एक और झटका लग रहा है, जिसे तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल में शामिल कर लिया गया था। बीजेपी आदि द्वारा इस घटना के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए अपने जनता के बीच प्रभाव फैलाने की कोशिश की गई। मल्लिक के छोड़ने के बाद बहस तेज हो गई, जो तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल के बाद तेजी से बढ़ गई।
महाप्रांतीय राजनीति में गहरा असर
ममता के लिए एक और झटक के रूप में इस घटना की गहराई उनकी संस्थागत बलिदान के रूप में देखी गई। तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल के बाद तेजी से उठे बहस में मल्लिक के छोड़ जाने के बारे में नए झटका आ गया। पार्टी के भीतर दरार के बीच इस घटना की चर्चा तेज हो गई।
गिरफ्तारी के बाद मल्लिक ने बार-बार अपनी सेहत के संकट का हवाला दिया और इस विषय पर चर्चा जारी रखी। 2023 के अक्टूबर में उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे उनके राजनीतिक स्थान पर गिरावट आ गई। अब उनके इस्तीफा देने के बाद तमिल नाडु महाप्रांतीय राजनीति के बड़े फेरबदल के बाद एक और झटका लग रहा है।
इस बहस में तमिल नाडु महाप्रांतीय
